
शहडोल। टाइगर स्टेट मध्य प्रदेश में बाघों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहडोल जिले के जयसिंहनगर वन परिक्षेत्र अंतर्गत मसिरा सर्किल क्षेत्र में एक बाघ और एक बाघिन का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है।
बाघिन की करंट लगने से मौत की आशंका
प्रारंभिक जांच में बाघिन की मौत करंट लगने से होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं बाघ के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। जिस खेत के पास दोनों के शव मिले हैं, वहां करंट फैलाए जाने के संकेत मिले हैं। हालांकि वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
डॉग स्क्वॉड से जांच शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई। डॉग स्क्वॉड की मदद से आसपास के इलाकों में जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह मामला दुर्घटना है या शिकार की साजिश।
बाघ-बाघिन का कराया गया शवदाह
वन विभाग द्वारा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बाघ और बाघिन का शवदाह कर दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बढ़ती बाघ मौतों ने बढ़ाई चिंता
मध्य प्रदेश में वर्ष 2025 के दौरान कुल 55 बाघों की मौत दर्ज की गई थी। वहीं वर्ष 2026 में जनवरी माह के भीतर ही 9 बाघों की मौत हो चुकी है। केवल बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में इस वर्ष अब तक चार बाघों की जान जा चुकी है, जो वन्यजीव संरक्षण पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सरकार ने मांगा जवाब
मप्र सरकार ने शहडोल के मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) से दो बाघों की मौत के मामले में जवाब तलब किया है। साथ ही इस प्रकरण में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित वन अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।