अब हर आयुर्वेद, यूनानी, सिद्धा आयुष संस्थानों में तम्बाकू त्याग केंद्र (टीसीसी) स्थापित होंगे

भोपाल। देशभर के हर आयुर्वेद, यूनानी, सिद्धा, आयुष संस्थानों में तम्बाकू त्याग केंद्र (टीसीसी) स्थापित किए जाएंगे। भोपाल मध्यप्रदेश, वाराणसी उत्तरप्रदेश, रायपुर छत्तीसगढ़, देहरादून उत्तराखण्ड, नईदिल्ली, पटना बिहार समेत देशभर के आयुर्वेद, यूनानी, सिद्धा, सोवा-रिग्पा आयुष मेडिकल संस्थानों में तम्बाकू त्याग केंद्र (टीसीसी) सेंटर्स स्थापित होंगे। उक्त निर्देश मंगलवार को बोर्ड ऑफ आयुर्वेद नेशनल कमीशन फॉर इण्डियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन आयुष मंत्रालय भारत सरकार नईदिल्ली के सदस्य डॉ अतुल बी वार्ष्णेय ने सर्कुलर जारी कर दिये हैं।

बुनियादी ढांचा तैयार करने निर्देश

संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि इसके लिये आवश्यक संसाधन, बुनियादी ढांचा, प्रशिक्षित जनशक्ति सुदृढ़ता के साथ उपलब्ध कराया जावे। चिकित्सकीय रूप में ओपीडी में भी विस्तृत रूप में तंबाकू छोड़ने संबंधित विचारों – गतिविधियों को जनमानस को प्रचारित कर समझाया जावे। एनसीआईएसएम (भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग) नईदिल्ली की तरफ से डॉ अतुल बी वार्ष्णेय ने यह भी स्पष्ट किया है कि आयुष संस्थानों ने इस दिशा में जो भी कार्य किये हों तथा अभी तक की गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट आयोग को भेजना होगा।

जनहितैषी निर्णय

आयुष मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ राकेश पाण्डेय ने इसे छात्र, जूनियर डॉक्टर्स, चिकित्सक, टीचिंग, नॉनटीचिंग व हॉस्पिटल स्टॉफ के हितार्थ तथा जनहितैषी बताते हुये आयुष संस्थानों को तंबाकू मुक्त परिसर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। निश्चित रूप से एनसीआईएसएम का उद्देश्य है कि तंबाकू मुक्त समाज बने ताकि मृत्युदर में भी कमी आवे।

प्रदेश समेत देशभर में लगभग 267 मिलियन एडल्ट्स विभिन्न रूपों में तंबाकू सेवन करते हैं जिनमें 42.4 प्रतिशत पुरुष व 14.2 प्रतिशत महिलायें शामिल हैं। प्रतिवर्ष 1.2 से 1.35 मिलियन डेथ भी इसके कारण होती हैं। आयुष संस्थानों को तंबाकूमुक्त परिसर रखने से स्वस्थ समाज का निर्माण होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। प्रदेश समेत देशभर में लगभग 650 आयुर्वेद, यूनानी, सिद्धा, सोवा-रिग्पा एएसयूएस कॉलेज संचालित हैं जहां दो लाख से ज्यादा छात्र अध्ययनरत है।