शहीद वनरक्षक हरिकेश गुर्जर की याद में “हरिकेश वन”, 40 हजार पौधों से सजेगी वीरता की गाथा

पन्ना। दक्षिण पन्ना वनमंडल के रैपुरा वन परिक्षेत्र अंतर्गत भगनरवा बीट में शहीद वनरक्षक स्वर्गीय हरिकेश गुर्जर की स्मृति में विशेष पौधरोपण स्थल का नामकरण “हरिकेश वन” किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई, जिसके बाद उपस्थित अधिकारियों, वनकर्मियों और ग्राम वन समिति सुर्रा के सदस्यों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर स्मृति पट्ट का अनावरण भी किया गया।

मुख्य वन संरक्षक की उपस्थिति में हुआ आयोजन

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य वन संरक्षक छतरपुर वन वृत्त श्री नरेश सिंह यादव रहे। इस दौरान पवई उपवनमंडल अधिकारी अक्षत जैन (भा.व.से.), प्रशिक्षु अधिकारी पंकज चौधरी, रैपुरा वन परिक्षेत्र अधिकारी विवेक जैन, डिप्टी रेंजर अशोक पांडे, वनरक्षक सतीश द्विवेदी सहित वन विभाग का अमला एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

साहस और कर्तव्यनिष्ठा को किया नमन

समारोह में वक्ताओं ने शहीद हरिकेश गुर्जर के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। सभी ने उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर वन संरक्षण के कार्यों को और अधिक मजबूत करने का संकल्प लिया।

अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई में दी थी शहादत

उल्लेखनीय है कि हरिकेश गुर्जर की हाल ही में मुरैना जिले में अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचलकर शहादत हुई थी। वे लंबे समय तक पन्ना टाइगर रिजर्व में सेवाएं देने के बाद वर्ष 2025 में अपने अनुरोध पर मुरैना स्थानांतरित हुए थे। उनका यह बलिदान वन संरक्षण के प्रति समर्पण का प्रतीक है।

40 हजार पौधों से संजोई जाएगी वीरता की विरासत

भगनरवा क्षेत्र के लगभग 40 हेक्टेयर में वर्ष 2025-26 के दौरान भूमि तैयार कर ली गई है। आगामी मानसून 2026 में यहां 40,000 पौधों का रोपण किया जाएगा। “हरिकेश वन” को एक साधारण पौधरोपण स्थल नहीं, बल्कि साहस, कर्तव्य और बलिदान की जीवंत स्मृति के रूप में विकसित किया जाएगा।

परिजनों को दी आर्थिक सहायता

इस अवसर पर दक्षिण पन्ना वनमंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों ने शहीद के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ₹25,000 की सहयोग राशि भी प्रदान की। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और समाज को प्रेरित करने का सशक्त संदेश देती है।

रिपोर्ट: राकेश कुमार शर्मा

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