संतों के आशीर्वाद से होती है हर मुश्किल आसान: जगतगुरु नरसिंह देवाचार्य जी महाराज

कुलौन शहपुरा। पीढ़ी दर पीढ़ी धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं को जनमानस तक पहुंचाने का कार्य संत-महात्माओं द्वारा किया जाता रहा है। संतों की वाणी में जहां मधुरता होती है, वहीं उनके आशीर्वाद से कठिन से कठिन कार्य भी सहज हो जाते हैं। नर्मदा मैया के तट पर सनातन धर्म संस्कृति को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में इसे घर-घर तक पहुंचाने में महंत श्री नंदकिशोरदास जी महाराज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

पंचम पुण्य स्मरण दिवस पर हुआ भव्य आयोजन

गोलोकवासी महंत स्वामी नंदकिशोरदास जी महाराज के पंचम पुण्य स्मरण दिवस पर परम पूज्य श्रीमद् जगतगुरु नरसिंह पीठाधीश्वर डॉक्टर स्वामी नरसिंह देवाचार्य जी महाराज के पावन सानिध्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महंत प्रकाशानंद जी महाराज एवं महंत श्रीराम भारती सहित संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।

अभिषेक पूजन और संत उद्बोधन

कार्यक्रम के अंतर्गत विधिवत पूजन-अर्चन, अभिषेक और आरती सम्पन्न हुई। इसके पश्चात संतों द्वारा उद्बोधन दिया गया, जिसमें धर्म, सेवा और मानव कल्याण के संदेश दिए गए।

विशाल भंडारा प्रसादी का आयोजन

पूजन-अर्चन के उपरांत श्री नरसिंह मंदिर सिद्धाघाट, कुलौन शहपुरा में विशाल भंडारा प्रसादी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुलौन, शहपुरा, छरपट, पाटन, जबलपुर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और प्रसादी ग्रहण की।

जनप्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति

महाराज जी के पुण्य स्मरण दिवस पर विधायक नीरज सिंह, अमित तेहनगुरिया, सुभाष सिंह, संदीप जैन गुड्डा, रंजीत सिंह, राधवेंद्र यादव (लालू), राजेंद्र प्यासी, लोकराम कोरी, विध्येश भापकर, रामसिंह, दशरथ सिंह, ओमकार सिंह, लवकुश सिंह, गुरुवेंद्र सिंह, बारू बर्मन, जितेन पटेल, रघुवीर पटेल, रोहित पटेल, प्रवीण चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम

इस आयोजन ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि संतों के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से समाज में धर्म, सेवा और एकता की भावना मजबूत होती है। श्रद्धालुओं की विशाल उपस्थिति ने कार्यक्रम को भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम बना दिया।

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