
पन्ना। Panna Tiger Reserve में इस वर्ष आयोजित तीन दिवसीय ग्रीष्मकालीन गिद्ध गणना के परिणाम बेहद उत्साहजनक सामने आए हैं। रिजर्व प्रबंधन द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पन्ना टाइगर रिजर्व में गिद्धों की संख्या बढ़कर 785 पहुंच गई है। पिछले वर्ष 2025 की गणना में यह संख्या 731 थी, अर्थात इस वर्ष 54 गिद्धों की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

संरक्षण और प्रबंधन का सकारात्मक परिणाम
वन अधिकारियों ने इसे पन्ना टाइगर रिजर्व के बेहतर वन्यजीव संरक्षण, सुरक्षित वातावरण और प्रभावी प्रबंधन का परिणाम बताया है। विशेषज्ञों के अनुसार गिद्धों की बढ़ती संख्या यह संकेत देती है कि क्षेत्र का पारिस्थितिकी तंत्र लगातार मजबूत और संतुलित हो रहा है।

विभिन्न प्रजातियों की मजबूत उपस्थिति
गणना के दौरान भारतीय गिद्धों की संख्या सबसे अधिक 604 दर्ज की गई। इसके अलावा मिस्र के गिद्ध 46, सफेद पीठ वाले गिद्ध 43 तथा राज गिद्ध 21 पाए गए। वहीं कुल गणना में 742 वयस्क और 43 उप-वयस्क गिद्ध शामिल रहे।

प्राकृतिक संतुलन के लिए अहम भूमिका
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार गिद्धों की यह बढ़ती आबादी पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। गिद्ध मृत पशुओं को साफ कर पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखते हैं, इसलिए इन्हें प्रकृति का “सफाईकर्मी” भी कहा जाता है।
बाघों के बराबर पहुंची संख्या
पन्ना टाइगर रिजर्व के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि अब यहां गिद्धों की संख्या रिजर्व में मौजूद बाघों की संख्या के बराबर पहुंच गई है। वन्यजीव विशेषज्ञ इसे देश में गिद्ध संरक्षण की दिशा में एक बड़ी सफलता मान रहे हैं।
संरक्षण प्रयासों का दिख रहा असर
रिजर्व प्रबंधन द्वारा लगातार निगरानी, सुरक्षित आवास, प्राकृतिक भोजन की उपलब्धता और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा जैसे प्रयास किए जा रहे हैं। इन उपायों के कारण गिद्धों के प्रजनन और संरक्षण में सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
देश का प्रमुख केंद्र बनने की उम्मीद
वन विभाग ने उम्मीद जताई है कि आने वाले वर्षों में पन्ना टाइगर रिजर्व गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में देश के प्रमुख केंद्रों में शामिल होगा।
रिपोर्ट: राकेश कुमार शर्मा