
राकेश कुमार शर्मा
पन्ना। दक्षिण पन्ना वनमण्डल अंतर्गत वर्ष 2026 के तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य में इस वर्ष ऐतिहासिक सफलता दर्ज की गई है। वनमण्डल को प्राप्त 17,430 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण लक्ष्य के विरुद्ध अब तक लगभग 17,625 मानक बोरा संग्रहण किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 101 प्रतिशत से अधिक है। इस उपलब्धि से क्षेत्र के ग्रामीण एवं आदिवासी संग्राहकों में उत्साह का वातावरण है।
रिकॉर्ड नीलामी दरों से बढ़ेगा बोनस
इस वर्ष दक्षिण पन्ना में तेंदूपत्ता लॉट्स की नीलामी में अब तक की सर्वाधिक दरें प्राप्त हुई हैं। पहली बार औसत ऑक्शन दर ₹5000 प्रति मानक बोरा से ऊपर पहुंची है। वर्ष 2026 में औसत विक्रय दर लगभग ₹5261 प्रति मानक बोरा दर्ज की गई, जो पिछले वर्षों की तुलना में सबसे अधिक है। अधिकारियों के अनुसार बेहतर गुणवत्ता वाले बीड़ी योग्य पत्तों, शाख कर्तन कार्यों में सुधार एवं पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के कारण यह उपलब्धि संभव हो सकी है। इन रिकॉर्ड दरों का सीधा लाभ भविष्य में बोनस एवं प्रोत्साहन राशि के रूप में ग्रामीण एवं आदिवासी संग्राहकों को मिलेगा।
क्रेताओं से संवाद, अधिक संग्रहण का प्रयास
वन विभाग द्वारा तेंदूपत्ता संग्राहकों को अधिक आर्थिक लाभ दिलाने के उद्देश्य से तेंदूपत्ता क्रेताओं से भी संवाद किया गया है। विभाग ने क्रेताओं से लक्ष्य से अधिक तेंदूपत्ता क्रय करने का अनुरोध किया है, ताकि अतिरिक्त संग्रहण का लाभ सीधे स्थानीय संग्राहकों तक पहुंच सके।
निगरानी और निरीक्षण से पारदर्शिता
तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य को पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाए रखने के लिए वन विभाग के अधिकारियों एवं मैदानी अमले द्वारा संग्रहण केंद्रों (फड़ों) का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। इसके साथ ही तेंदूपत्ता क्रेताओं के साथ ऑनलाइन समीक्षा एवं समन्वय बैठकें आयोजित कर संग्रहण और परिदान कार्यों की सतत निगरानी की जा रही है।
अवैध तुड़ाई रोकने सख्त अभियान
दक्षिण पन्ना वनमण्डल के संवेदनशील क्षेत्रों में तेंदूपत्ता चोरी एवं अवैध तुड़ाई रोकने के लिए सघन गश्त एवं निगरानी अभियान चलाया गया। वन अमले ने ग्रामीणों को कच्चे एवं अपरिपक्व पत्तों की तुड़ाई से बचने, निर्धारित नियमों के अनुसार ही संग्रहण करने तथा अवैध गतिविधियों की सूचना तत्काल विभाग को देने के लिए जागरूक किया।
दक्षिण पन्ना बना सफल मॉडल
सतत निगरानी, पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया और सक्रिय मैदानी प्रबंधन के चलते दक्षिण पन्ना वनमण्डल तेंदूपत्ता संग्रहण एवं प्रबंधन का एक सफल मॉडल बनकर उभरा है।