जनहित के लिए भोलेनाथ ने पिया था विष: जगतगुरु डॉ. स्वामी नरसिंह देवाचार्य जी महाराज

जबलपुर। श्रावण मास महोत्सव के अंतर्गत नरसिंह मंदिर गीता धाम में आयोजित रुद्राभिषेक में जगतगुरु नरसिंह पीठाधीश्वर डॉ. स्वामी नरसिंह देवाचार्य जी महाराज ने भगवान शिव की आराधना और उनके लोककल्याणकारी स्वरूप का महत्व बताया।

उन्होंने कहा कि भगवान महादेव सर्वव्यापी हैं और जनहित एवं जनकल्याण के लिए उन्होंने विष का प्याला पीकर देवताओं को भी विपदा से बचाया था। भगवान शिव का यह स्वरूप त्याग, करुणा और लोकमंगल की भावना का संदेश देता है। जीवन में आने वाले दुख और कष्टों से मुक्ति के लिए भगवान भोलेनाथ की आराधना एवं साधना करनी चाहिए।

जगतगुरु स्वामी नरसिंह देवाचार्य जी महाराज ने कहा कि श्रावण मास भगवान भोलेनाथ को समर्पित प्रिय मास माना जाता है। इस पावन माह में श्रद्धा के साथ भगवान शिव का पूजन-अर्चन करने का विशेष महत्व है। भगवान शिव भक्तों की श्रद्धा से प्रसन्न होते हैं और जल तथा बिल्वपत्र अर्पित कर भी उनकी आराधना की जाती है।

उन्होंने कहा कि भगवान शिव का जीवन मानव समाज को त्याग, सेवा और जनकल्याण की प्रेरणा देता है। समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को स्वयं धारण कर भगवान शिव ने संसार को संकट से बचाने का कार्य किया। इसी कारण उन्हें नीलकंठ के नाम से भी जाना जाता है।

श्रावण मास में प्रतिदिन हो रहा रुद्राभिषेक

श्रावण मास के अवसर पर नरसिंह मंदिर, शास्त्री ब्रिज में प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से रुद्राभिषेक, महापूजन, अभिषेक एवं महाआरती का आयोजन जगतगुरु डॉ. स्वामी नरसिंह देवाचार्य जी महाराज के सानिध्य में किया जा रहा है। धार्मिक आयोजन में श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होकर भगवान नर्मदेश्वर महादेव का पूजन-अर्चन कर रहे हैं।

नागपंचमी पर विशेष रुद्राभिषेक

श्रावण मास के सोमवार एवं नागपंचमी के अवसर पर आयोजित रुद्राभिषेक में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ भगवान नर्मदेश्वर महादेव का अभिषेक किया। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण रहा और श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की आराधना कर सुख-शांति एवं कल्याण की कामना की।

नर्मदेश्वर महादेव के महाभिषेक में राजेंद्र इंदू प्यासी, एस.वी. मिश्रा, आचार्य रामफल शास्त्री, कामता शास्त्री, लालमन मिश्रा, हिमांशु, प्रियांशु सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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