
जबलपुर। धार्मिक आयोजनों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में डीजे की तेज आवाज को लेकर नागरिकों में बढ़ती नाराजगी के बीच ‘वॉक एंड क्लीन’ संगठन ने इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई है। संगठन के सदस्यों ने पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपकर तेज ध्वनि से होने वाली परेशानियों की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।
तेज आवाज से त्योहारों का शांतिपूर्ण वातावरण प्रभावित होने का दावा
संगठन का कहना है कि धार्मिक पर्व लोगों को आस्था, प्रार्थना और मानसिक शांति से जुड़ने का अवसर देते हैं, लेकिन तेज आवाज में बजने वाले डीजे के कारण त्योहारों का शांतिपूर्ण वातावरण प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि कई स्थानों पर ध्वनि की तीव्रता इतनी अधिक होती है कि आसपास रहने वाले लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता है।
ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों के पालन की मांग
ज्ञापन में कहा गया कि तेज ध्वनि का असर समाज के विभिन्न वर्गों पर पड़ रहा है। संगठन के सदस्यों ने प्रशासन से डीजे के इस्तेमाल पर सख्ती से रोक लगाने तथा ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का प्रभावी ढंग से पालन कराने की मांग की। उनका कहना है कि इस मांग को आम लोगों का भी समर्थन मिल रहा है।
प्रशासन से स्पष्ट कार्रवाई का आग्रह
संगठन ने प्रशासन से आग्रह किया कि धार्मिक आयोजनों की गरिमा और नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डीजे के संबंध में स्पष्ट एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए।
ये लोग रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान एडवोकेट अरविंद दुबे, डॉ. एचपी तिवारी, नीलू चौधरी, दीपक सेन, मदन दुबे, अजय मिश्रा (गोपू), एडवोकेट नीरज पाठक, एडवोकेट राजीव शुक्ला, उमेश अवस्थी, राजेंद्र तिवारी, धनंजय बाजपेयी, माधव पांडे, गनपत कोस्टा, प्रकाश अवस्थी और माधव नामदेव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।