
भोपाल। मध्यप्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों ने सरकार के साथ बातचीत के बाद हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया है। सरकार की ओर से स्टाइपेंड में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर सहमति बनने के बाद डॉक्टरों ने काम पर लौटने का फैसला किया।
इंटर्न डॉक्टर लंबे समय से स्टाइपेंड में पर्याप्त वृद्धि की मांग कर रहे थे। सरकार के साथ बातचीत के बाद समाधान का रास्ता निकलने पर आंदोलन वापस लेने पर सहमति बनी है। अब डॉक्टरों को शासन के औपचारिक आदेश का इंतजार है।
स्टाइपेंड में करीब 50 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव
बताया जा रहा है कि इंटर्न डॉक्टरों के मौजूदा स्टाइपेंड में करीब 50 प्रतिशत की वृद्धि प्रस्तावित है। बढ़ोतरी लागू होने के बाद मासिक स्टाइपेंड लगभग 21,500 रुपये हो सकता है। हालांकि अंतिम राशि की पुष्टि शासन के औपचारिक आदेश के बाद होगी।
प्रस्तावित बढ़ोतरी को इंटर्न डॉक्टरों की लंबे समय से चली आ रही स्टाइपेंड वृद्धि की मांग के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे थे डॉक्टर
इंटर्न डॉक्टर लंबे समय से स्टाइपेंड में पर्याप्त वृद्धि की मांग कर रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर प्रदेश के विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों में विरोध-प्रदर्शन और हड़ताल शुरू की गई थी।
आंदोलन के कारण सरकारी मेडिकल कॉलेजों और संबद्ध अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं पर भी असर पड़ने की स्थिति बनी थी। इंटर्न डॉक्टरों की सेवाएं अस्पतालों की नियमित चिकित्सा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
सरकार के साथ बातचीत के बाद निकला समाधान
बुधवार को डॉक्टरों के प्रतिनिधियों और सरकार के बीच हुई चर्चा में समाधान का रास्ता निकला। बातचीत के दौरान स्टाइपेंड में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर सहमति बनने के बाद आंदोलन वापस लेने का निर्णय लिया गया।
इसके बाद इंटर्न डॉक्टरों ने हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने का फैसला किया। अब सरकारी आदेश जारी होने और नई व्यवस्था लागू होने का इंतजार है।
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सेवाएं सामान्य होने की उम्मीद
हड़ताल खत्म होने के बाद प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और संबद्ध अस्पतालों में इंटर्न डॉक्टरों के नियमित रूप से सेवाएं देने की उम्मीद है। इससे अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था को सामान्य करने में मदद मिलने और मरीजों को राहत मिलने की संभावना है।
स्टाइपेंड बढ़ोतरी को लेकर अंतिम स्थिति शासन के औपचारिक आदेश के बाद स्पष्ट होगी। आदेश जारी होने के बाद नई राशि और इसके लागू होने की तारीख की जानकारी सामने आएगी।
इंटर्न डॉक्टरों की मांग पर सरकार के फैसले का इंतजार
फिलहाल इंटर्न डॉक्टरों ने आंदोलन समाप्त कर दिया है और सरकार के औपचारिक आदेश का इंतजार किया जा रहा है। स्टाइपेंड में प्रस्तावित बढ़ोतरी लागू होने के बाद इंटर्न डॉक्टरों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।