
जबलपुर। विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर के फिजियोथेरेपी विभाग द्वारा स्वास्थ्य एवं शारीरिक सक्रियता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से साइकिल रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मूल संदेश था—“साइकिल की गतिशीलता के माध्यम से शरीर की गतिशीलता का संदेश।”

रैली के माध्यम से नियमित व्यायाम, शारीरिक सक्रियता एवं स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। आयोजन में विद्यार्थियों और विभागीय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
गुब्बारों के माध्यम से दिया स्वस्थ जीवनशैली का संदेश
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य एवं फिजियोथेरेपी से संबंधित संदेश लिखे गुब्बारे आकाश में छोड़े गए। ये गुब्बारे स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली के संदेश के प्रतीक रहे। कार्यक्रम के अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा फिजियोथेरेपी, स्वास्थ्य एवं स्वस्थ जीवनशैली की थीम पर आकर्षक रंगोली भी बनाई गई।

मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ अधिकारियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता प्रोफेसर डॉ. नवनीत सक्सेना की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अलावा अधीक्षक प्रोफेसर डॉ. अरविंद शर्मा, उपाधीक्षक डॉ. रिचा शर्मा, वरिष्ठ फिजियोथेरेपी चिकित्सक डॉ. एम. एल. केवटे, फिजियोथेरेपी पाठ्यक्रम प्रभारी प्रोफेसर डॉ. अजय फौजदार एवं मेडिकल कोऑर्डिनेटर डॉ. प्रणव पाराशर भी उपस्थित रहे।
इन सभी की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई और विद्यार्थियों को स्वास्थ्य एवं शारीरिक सक्रियता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया।

फिजियोथेरेपी विभाग के शिक्षक एवं विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में फिजियोथेरेपी विभाग के शिक्षकगण डॉ. ज्योति त्रिपाठी, डॉ. अभिषेक दुबे, डॉ. विष्णु कोल, डॉ. आलोक मुखर्जी, डॉ. ऋषि बंसपाल एवं डॉ. अंकिता नेमा उपस्थित रहे। अतिथि के रूप में डॉ. अंकुर चौधरी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विभाग के श्री कुलदीप बाल्मीकि का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। कार्यक्रम में विभाग के छात्र-छात्राओं डॉ. स्वप्निल रंगारी, डॉ. आकाश पचौरी, डॉ. सौरव सांबारे, डॉ. करिश्मा उइके, डॉ. शालिनी कटरे, डॉ. पायल बिसेन, डॉ. मधुबाला मरावी, डॉ. अर्पित सिंह, डॉ. उत्सव तिवारी सहित अन्य छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

शारीरिक सक्रियता को बताया स्वस्थ जीवन की आधारशिला
साइकिल रैली के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि शरीर की गतिशीलता ही स्वस्थ जीवन की आधारशिला है। जिस प्रकार साइकिल निरंतर गति का प्रतीक है, उसी प्रकार नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधि व्यक्ति को सक्रिय, स्वस्थ एवं आत्मनिर्भर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
‘चलते रहिए, सक्रिय रहिए और स्वस्थ रहिए’ का संदेश
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल फिजियोथेरेपी के प्रति जागरूकता बढ़ाना ही नहीं, बल्कि समाज को नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति प्रेरित करना भी था। आयोजन के माध्यम से लोगों को संदेश दिया गया कि “चलते रहिए, सक्रिय रहिए और स्वस्थ रहिए।”
स्वास्थ्य जागरूकता साइकिल रैली ने फिजियोथेरेपी, नियमित व्यायाम और शारीरिक सक्रियता के महत्व को जनसामान्य तक पहुंचाने का प्रभावी संदेश दिया।