विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर एनएसयूआई का प्रदर्शन, धारा 52 लागू करने की मांग

पुलिस से नोकझोंक के बाद वाटर कैनन चलाया गया, कई छात्र नेता हिरासत में; परीक्षा, छात्रावास, छात्रवृत्ति और छात्रसंघ चुनाव के मुद्दे उठाए

जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर एनएसयूआई ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय परिसर पहुंचीं और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य द्वार का घेराव किया। प्रदर्शन का नेतृत्व प्रतीक गौतम और अनुराग शुक्ला ने किया।

प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली, परीक्षा संचालन में कथित देरी, छात्रावासों की स्थिति, छात्रवृत्ति, संबल योजना और छात्रसंघ चुनाव सहित कई मांगों को लेकर नाराजगी जताई। मुख्य द्वार पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। कार्रवाई के बाद 20 से अधिक छात्र नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई।

कुलगुरु की नियुक्ति को लेकर भी सवाल

एनएसयूआई नेताओं ने कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा की नियुक्ति को लेकर न्यायालय में मामला लंबित होने का दावा करते हुए उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। संगठन का आरोप है कि विश्वविद्यालय में प्रशासनिक और शैक्षणिक स्तर पर कई काम अपेक्षित गति से नहीं हो रहे हैं। नेताओं ने कुलसचिव द्वारा कार्य के अनुकूल वातावरण नहीं होने का हवाला देते हुए स्थानांतरण की मांग किए जाने का भी उल्लेख किया।

परीक्षाओं में देरी से विद्यार्थी परेशान

प्रदर्शन के दौरान सबसे प्रमुख मुद्दों में परीक्षा व्यवस्था रही। एनएसयूआई का आरोप है कि दिसंबर 2025 और जून 2026 से जुड़ी कई परीक्षाएं निर्धारित समय पर नहीं हो सकीं। संगठन के अनुसार विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध पाठ्यक्रमों का शैक्षणिक कैलेंडर काफी पीछे चल रहा है। इसका असर विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार की तैयारियों पर पड़ रहा है।

इसके अलावा सहायक प्राध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया, छात्रवृत्ति के लंबित मामलों और संबल योजना का लाभ विद्यार्थियों तक नहीं पहुंचने जैसे विषय भी प्रदर्शन में उठाए गए।

छात्रसंघ गठन को लेकर जल्द फैसला करने की मांग

एनएसयूआई ने विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव अथवा गठन की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।

छात्र कल्याण अधिष्ठाता की नियुक्ति पर आपत्ति

संगठन ने छात्र कल्याण अधिष्ठाता की हालिया नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाए। एनएसयूआई का दावा है कि विश्वविद्यालय के नियमों के मुताबिक इस पद के लिए अपेक्षित स्तर के शिक्षक की नियुक्ति होनी चाहिए, जबकि वर्तमान नियुक्ति को लेकर संगठन ने आपत्ति दर्ज कराई है। एनएसयूआई ने नियुक्ति की समीक्षा की मांग की।

एनएसयूआई नेताओं ने चेतावनी दी कि विद्यार्थियों की समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। प्रदर्शन में सागर शुक्ला, सोनू कुकरेले, राहुल यादव, अदनान अंसारी, एजाज अंसारी, भानु यादव, अभ्युदय बाजपेई, मोंटी वंशकार, शाहनवाज अंसारी, सौरभ यादव, अनुज यादव, नितिन सिंह, उवैस अंसारी, तारिक अंसारी, शिवम यादव और नयन गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं छात्र नेता मौजूद रहे।

Back to top button