
जबलपुर। शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों के बीच शासकीय विज्ञान महाविद्यालय (स्वशासी), जबलपुर में शिक्षकों के लिए आयोजित तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का समापन गुरुवार को हुआ। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग के साथ-साथ आधुनिक संचार शैली और विद्यार्थियों के करियर मार्गदर्शन से जुड़ी उपयोगी तकनीकों से अवगत कराया गया।
उच्च शिक्षा विभाग, भोपाल के प्रायोजन तथा स्वामी विवेकानंद कैरियर गाइडेंस एंड प्लेसमेंट सेल के सहयोग से यह कार्यक्रम 8 से 10 सितंबर तक आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य शिक्षकों को बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप अपडेट करना और उनके शिक्षण एवं मार्गदर्शन कौशल को अधिक प्रभावी बनाना रहा।
शिक्षण और प्रशासन में एआई के इस्तेमाल पर जोर
कार्यक्रम में शिक्षकों को विभिन्न एआई टूल्स के व्यावहारिक इस्तेमाल की जानकारी दी गई। इसके साथ आधुनिक कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन, प्रभावी संवाद और विद्यार्थियों को उनकी रुचि व संभावनाओं के अनुसार करियर विकल्प समझाने की तकनीकों पर भी प्रशिक्षण दिया गया।
प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीकों को कक्षा शिक्षण, संस्थागत कार्यों तथा विद्यार्थियों की करियर काउंसलिंग में उपयोगी बताया। प्रशिक्षण में शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता रही।
तकनीक और रोजगार के बदलते स्वरूप पर चर्चा
समापन अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शिखा सक्सेना ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं। सुदर्शन पाण्डेय ने प्रशिक्षण की प्रासंगिकता पर विचार रखते हुए कहा कि तकनीक और रोजगार के बदलते स्वरूप को देखते हुए शिक्षकों का एआई तथा आधुनिक संचार कौशल से परिचित होना आवश्यक है।
प्रशिक्षक लोकेश चन्द्र लोकेश ने प्रतिभागियों की भागीदारी की सराहना करते हुए प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान को नियमित कार्यों में लागू करने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षकों ने सीखी करियर काउंसलिंग की तकनीक
कार्यक्रम की कन्वीनर डॉ. उषा मसराम ने आयोजन को सफल बनाने में समिति के सदस्यों और प्रतिभागियों के सहयोग के लिए आभार जताया। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों की रुचि, क्षमता और संभावनाओं के अनुरूप उन्हें करियर विकल्पों की जानकारी देने तथा मार्गदर्शन को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
तीन दिनों में हुए विभिन्न प्रशिक्षण सत्र
प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. राजश्री कपूर ने तीन दिनों में आयोजित विभिन्न सत्रों की जानकारी प्रस्तुत की। सहप्रभारी डॉ. ज्ञानेश पाण्डेय ने धन्यवाद ज्ञापित किया, जबकि समापन कार्यक्रम का संचालन डॉ. विनिता रतौनिया ने किया।
कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को तकनीक, आधुनिक संचार और करियर मार्गदर्शन के बदलते स्वरूप से परिचित कराया गया। आयोजकों के अनुसार प्रशिक्षण से प्राप्त तकनीकी एवं संचार कौशल का उपयोग शिक्षण और विद्यार्थियों के मार्गदर्शन को अधिक प्रभावी बनाने में किया जा सकेगा।