
जबलपुर। शासकीय विज्ञान महाविद्यालय में जैव प्रौद्योगिकी के विद्यार्थियों को शोध, नवाचार और रोजगार के बदलते अवसरों से परिचित कराने की दिशा में डॉ. जयश्री नायडू क्लब की शुरुआत की गई। जैव प्रौद्योगिकी एवं प्राणीशास्त्र विभाग के अंतर्गत गठित इस क्लब के शुभारंभ अवसर पर विद्यार्थियों के लिए विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया।
बायोटेक्नोलॉजी में शोध और करियर की संभावनाओं पर चर्चा
कार्यक्रम में माता गुजरी महाविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी विभागाध्यक्ष डॉ. श्यामजी शुक्ला मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने ‘रिसर्च, इनोवेशन एवं करियर अपॉर्च्युनिटी इन बायोटेक्नोलॉजी’ विषय पर विद्यार्थियों से संवाद किया।
डॉ. शुक्ला ने जैव प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे प्रयोगों और इसके बढ़ते औद्योगिक महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह विषय केवल अकादमिक अध्ययन तक सीमित नहीं है, बल्कि शोध, उद्योग, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में भी विद्यार्थियों के लिए व्यापक संभावनाएं उपलब्ध कराता है।
व्यावहारिक उपयोग और रोजगार के अवसर बताए
विशेषज्ञ ने जैव प्रौद्योगिकी के विषय के व्यावहारिक उपयोग और भविष्य में उभरने वाले रोजगार के अवसरों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को बदलते तकनीकी एवं औद्योगिक परिदृश्य के अनुरूप अपने ज्ञान और कौशल को विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थियों को करियर लक्ष्य पर ध्यान देने की सलाह
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शिखा सक्सेना ने विद्यार्थियों को अनुशासन के साथ अपने करियर लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने तथा उपलब्ध संसाधनों और अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
वहीं प्राणीशास्त्र एवं जैव प्रौद्योगिकी विभागाध्यक्ष डॉ. शम्पा जैन ने जैव प्रौद्योगिकी के वर्तमान समय में बढ़ते महत्व को रेखांकित किया।
क्लब के माध्यम से विद्यार्थियों को मिलेंगे नए अवसर
जैव प्रौद्योगिकी प्रभारी डॉ. वर्षा अगलावे ने डॉ. जयश्री नायडू क्लब के उद्देश्य और आगामी गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्लब के माध्यम से विद्यार्थियों को विषय से जुड़े शैक्षणिक, शोध एवं व्यावहारिक पहलुओं को समझने के लिए विभिन्न गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।
क्लब के माध्यम से विद्यार्थियों को जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उपलब्ध शोध, नवाचार और करियर विकल्पों की जानकारी देने के साथ उनके व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।
इनकी रही कार्यक्रम में सहभागिता
कार्यक्रम का संचालन डॉ. विनिता रतौनिया ने किया, जबकि आभार अंजली मिश्रा ने व्यक्त किया। आयोजन में डॉ. रुपाली जैन, डॉ. सोहनी जै, डॉ. सोनिल मर्सकोले और डॉ. सुनील चौधरी का सहयोग रहा।