अयोध्‍या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामला: चंपत राय व अनिल मिश्रा का इस्‍तीफा, 8 पर एफआइआर

अयोध्या। अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। चंपत राय पिछले 35 वर्षों से राम मंदिर आंदोलन और मंदिर निर्माण से जुड़े रहे हैं तथा विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेताओं में उनकी गिनती होती है। उनके कार्यकाल के दौरान राम मंदिर में चढ़ावे की धनराशि में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद यह घटनाक्रम हुआ है।

ट्रस्ट के अनुरोध पर गठित हुई थी एसआईटी

राम मंदिर में चढ़ावे की धनराशि में कथित गबन के मामले के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को ट्रस्ट के अनुरोध पर तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। एसआईटी ने जांच पूरी करने के बाद 23 जून को उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। संजय प्रसाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदेन सदस्य भी हैं।

एसआईटी की अनुशंसा पर दर्ज हुई एफआईआर

एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक जांच के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की अनुशंसा की थी। इसके बाद चोरी, आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक साजिश तथा गबन सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई।

आठ आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई

राम मंदिर के दानपात्रों की धनराशि में कथित गबन के मामले में आठ नामजद आरोपितों के खिलाफ श्रीराम जन्मभूमि थाने में गुरुवार को प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं अन्य छह आरोपितों रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और मनीष यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

भूमि खरीद को लेकर भी उठे सवाल

इस बीच आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने लखनऊ में एसआईटी के समक्ष पेश होकर कथित भूमि खरीद प्रकरण से जुड़े 11 दस्तावेज सौंपे। इन दस्तावेजों में जमीन की रजिस्ट्री तथा सर्किल रेट से संबंधित जानकारी शामिल है।

संजय सिंह ने लगाए आरोप

संजय सिंह ने आरोप लगाया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या में कई जमीनें बाजार भाव से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदी हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

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