
भोपाल। प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि आयुर्वेद बीएएमएस की सीटें होम्योपैथी बीएचएमएस की सीटों से ज्यादा खाली रह गई हैं। स्टेट एवं ऑल इंडिया कोटा की स्नातक नीट 2025-26 सत्र की तीन राउण्ड की काउंसलिंग के बाद भी आयुष की कुल 2007 सीटें रिक्त हैं। आयुष एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने मांग की है कि नीट पर्सेंटाइल में कम से कम 10 प्रतिशत की कमी के साथ काउंसलिंग का एक और अतिरिक्त राउण्ड आयोजित किया जाए।
प्रदेश में आयुष कॉलेजों की स्थिति, इतने संस्थानों में सीटें खाली
आयुष मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. राकेश पाण्डेय ने बताया कि प्रदेश में कुल 63 आयुष कॉलेज संचालित हैं—आयुर्वेद के 07 शासकीय व 32 निजी कॉलेज (कुल 39), होम्योपैथी के 01 शासकीय व 19 निजी कॉलेज (कुल 20) तथा यूनानी के 01 शासकीय व 03 निजी कॉलेज (कुल 04)। संचालनालय के अनुसार शासकीय आयुर्वेद कॉलेजों में 82 सीटें, शासकीय होम्योपैथी में 15 सीटें और शासकीय यूनानी कॉलेज में 31 सीटें खाली हैं। निजी आयुर्वेद कॉलेजों में 1077 सीटें, निजी होम्योपैथी में 786 सीटें तथा निजी यूनानी कॉलेजों में 16 सीटें रिक्त हैं।
स्ट्रे वेकैंसी काउंसलिंग जारी, रिपोर्टिंग 24 से 26 नवंबर
फिलहाल स्ट्रे वेकैंसी काउंसलिंग जारी है। रिपोर्टिंग 24 से 26 नवंबर तक, मेरिट सूची का प्रकाशन 26 नवंबर को, महाविद्यालयों में अस्थायी प्रवेश 27 से 28 नवंबर तक तथा प्रवेश निरस्तीकरण 28 नवंबर 2025 तक होगा।
काउंसलिंग के अतिरिक्त राउण्ड की मांग, अन्य छात्र भी हो सकें लाभान्वित
डॉ. पाण्डेय ने राज्य एवं केंद्रीय आयुष मंत्रालय, भारत सरकार तथा संचालनालय आयुष से मांग की है कि NEET पर्सेंटाइल में कम से कम 10 प्रतिशत कमी के साथ प्रवेश हेतु एक अतिरिक्त राउण्ड आयोजित किया जाए, ताकि स्ट्रे वेकैंसी राउण्ड के बाद बची सीटों पर अन्य छात्र प्रवेश पा सकें। संभावना जताई जा रही है कि वर्तमान राउण्ड के बाद भी लगभग 1000 सीटें खाली रह सकती हैं। इस संबंध में आयुष मंत्रालय भारत सरकार, आयुष मंत्रालय मप्र एवं कमिश्नर आयुष को पत्र भी प्रेषित किया जा रहा है।