
जबलपुर। आयुर्वेद सहित अन्य AYUSH पाठ्यक्रमों के इंटर्न विद्यार्थियों ने स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग को लेकर मंगलवार को प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने गौरीघाट स्थित शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय से झंडा चौक तक मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान 300 से अधिक विद्यार्थियों ने मानव श्रृंखला बनाकर अपनी मांग शासन तक पहुंचाने का प्रयास किया।
विद्यार्थियों ने कहा कि इंटर्नशिप के दौरान उन्हें केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहना पड़ता, बल्कि अस्पताल की नियमित चिकित्सा गतिविधियों में भी भागीदारी करनी होती है। ओपीडी और आईपीडी में मरीजों की देखभाल, चिकित्सकीय राउंड तथा विभिन्न क्लिनिकल गतिविधियों में उनकी भूमिका रहती है। इसके बावजूद AYUSH और MBBS इंटर्न के स्टाइपेंड में काफी अंतर होने का मुद्दा विद्यार्थियों ने उठाया।

MBBS के बराबर स्टाइपेंड की मांग
प्रदर्शन में विद्यार्थियों ने बताया कि BAMS इंटर्न को फिलहाल 9,383 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिल रहा है, जबकि MBBS इंटर्न के लिए यह राशि 21,500 रुपये प्रतिमाह बताई गई। विद्यार्थियों ने इसी अंतर को आधार बनाते हुए BAMS के साथ सभी AYUSH इंटर्न के स्टाइपेंड में समान रूप से वृद्धि करने की मांग की।
AYUSH इंटर्न की भूमिका को लेकर उठाई मांग
ABVP के प्रांत मंत्री सुव्रत बाझल ने कहा कि AYUSH इंटर्न भी अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं का हिस्सा होते हैं और इंटर्नशिप के दौरान उन्हें व्यावहारिक चिकित्सा अनुभव के साथ कई जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। संगठन ने सरकार से स्टाइपेंड व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की।
जिज्ञासा आयाम के प्रांत संयोजक अमित सिंह ने कहा कि इंटर्नशिप चिकित्सा विद्यार्थियों के प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण चरण है। ऐसे में स्टाइपेंड में मौजूद अंतर को दूर करने के लिए शासन स्तर पर निर्णय लिया जाना चाहिए।
मांग पूरी होने तक अभियान जारी रखने की बात
ABVP जबलपुर महानगर मंत्री आर्यन पुंज ने कहा कि यदि विद्यार्थियों की मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। विद्यार्थियों ने भी मांग पूरी होने तक अभियान जारी रखने की बात कही।
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