आधुनिक निर्माण में कंक्रीट की उपयोगिता पर जबलपुर में ड्युरेबिलिटी सेमिनार आयोजित

कंक्रीट ड्युरेबिलिटी पर सेमिनार का आयोजन

जबलपुर। इंडियन कंक्रीट इंस्टीट्यूट जबलपुर सेंटर द्वारा अपनी स्थापना के सातवें वर्ष पर ड्युरेबिलिटी ऑफ कंक्रीट विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोपाल गुप्ता, चीफ इंजीनियर (रिटायर्ड) लोक निर्माण विभाग जबलपुर रहे।

आधुनिक निर्माण में कंक्रीट अत्यधिक उपयोगी

मुख्य अतिथि गोपाल गुप्ता ने मध्य प्रदेश के सबसे लंबे फ्लाईओवर के निर्माण से संबंधित अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आधुनिकतम निर्माण कार्यों में कंक्रीट अत्यधिक उपयोगी सामग्री है।

विशेष अतिथियों की उपस्थिति

सेमिनार में विशेष अतिथि के रूप में डॉ. आर. के. ग्रोवर, प्रोफेसर जेईसी जबलपुर एवं सुजीत माधव कलंतरे, सीनियर आर्किटेक्ट उपस्थित रहे।

कंक्रीट ड्युरेबिलिटी पर तकनीकी प्रस्तुति

इस अवसर पर इंजीनियर विनय चौरसिया ने विशेष अतिथि वक्ता के रूप में कंक्रीट ड्युरेबिलिटी पर प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि कंक्रीट में विभिन्न अवयवों एवं एडमिक्चर का सही अनुपात में प्रयोग कर कंक्रीट को दीर्घकालिक बनाया जा सकता है, जिससे स्ट्रक्चर की मजबूती एवं आयु में वृद्धि होती है।

संस्था पदाधिकारियों के विचार

कार्यक्रम के आरंभ में संस्था चेयरमैन डॉ. राजीव चांडक ने कंक्रीट को दुनिया में पानी के बाद सर्वाधिक प्रयोग किए जाने वाला पदार्थ बताते हुए इसकी महत्ता पर प्रकाश डाला। संस्था के पूर्व चेयरमैन इंजीनियर मनीष दुबे ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया एवं संस्था उपाध्यक्ष सुधीर मिश्रा ने आईसीआई जबलपुर सेंटर की स्थापना से संबंधित जानकारी दी।

कार्यक्रम संचालन एवं आभार प्रदर्शन

कार्यक्रम का सफल संचालन संस्था सचिव डॉ. संजय वर्मा ने किया एवं आभार प्रदर्शन आर्किटेक्ट वैभव सिंघई द्वारा किया गया।

ये रहे उपस्थित

इस अवसर पर वरिष्ठ इंजीनियर आर. के. श्रीवास्तव, संजीव जैन, नीरज ब्यौत्रा, प्रभात श्रीवास्तव, संजय सेन, रजनीश द्विवेदी, संजय कोरी, अक्षय शर्मा, अभिषेक परोहा, अमित नेमा, यशवंत बाजपेई, शिवेंद्र मिश्रा उपस्थित रहे। यह जानकारी डॉ. संजय वर्मा, सचिव आईसीआई जबलपुर सेंटर ने दी।

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