
भोपाल। केंद्रीय आयुष प्रवेश परामर्श समिति (एएसीसीसी) ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई भी अभ्यर्थी फर्जी नीट स्कोरकार्ड या जाली दस्तावेजों के आधार पर काउंसलिंग पोर्टल पर पंजीयन का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ कानूनन सख्त कार्रवाई की जाएगी। समिति के अनुसार, कदाचार, दस्तावेजों की जालसाजी, पात्रता का गलत विवरण या आधिकारिक रिकॉर्ड से छेड़छाड़ पूरी तरह निषिद्ध है।
कानूनी कार्रवाई और ब्लैकलिस्टिंग की चेतावनी
एएसीसीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में दोषी पाए गए तत्वों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जा सकता है। प्रवेश प्रक्रिया में केवल वैध और सत्यापित दस्तावेज ही स्वीकार्य होंगे। समिति का कहना है कि इस तरह की सख्ती से ही काउंसलिंग की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सकती है।
आयुष कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया
सत्र 2025-26 में भारतीय चिकित्सा पद्दति राष्ट्रीय आयोग (एनसीआईएसएम) और राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (एनसीएच) के तहत मान्यता प्राप्त आयुष मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश हेतु सेंट्रल काउंसलिंग की जा रही है। इसमें आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, सिद्धा और सोवा-रिग्पा के यूजी और पीजी कोर्स शामिल हैं।
60 हजार से अधिक सीटों पर काउंसलिंग
देशभर में आयुष के 950 से ज्यादा संस्थानों में लगभग 60,000 यूजी-पीजी सीटों पर सेंट्रल और स्टेट स्तर पर काउंसलिंग के जरिए प्रवेश होना है। इनमें उत्तरप्रदेश में 121, मध्यप्रदेश में 59, राजस्थान में 29 समेत लगभग 876 आयुष मेडिकल कॉलेजों को मान्यता प्राप्त है।
छात्र हित में चेतावनी
एएसीसीसी ने कहा कि आयुष मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश केवल नीट क्वालिफाइड और वैध दस्तावेजों के आधार पर शासन द्वारा निर्धारित मेरिट काउंसलिंग से ही होगा। समिति का यह कदम छात्र हित में उठाया गया है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या जालसाजी से ईमानदार छात्रों को नुकसान न पहुंचे।
– डॉ. राकेश पाण्डेय, राष्ट्रीय प्रवक्ता, आयुष मेडिकल एसोसिएशन