
जबलपुर। श्री गणेश जन्मोत्सव के चतुर्थ दिवस पर ललपुर रोड, गौरीघाट स्थित श्री सिद्ध रजत गणेश मंदिर में श्री रजत गणेश जी का 1000 नामों से पांच प्रकार के ऋतू फलों द्वारा सहस्त्रार्चन किया गया। श्री गणेश का गुलाब जल, केसर जल, गंगा जल, नर्मदा जल, यमुना जल एवं गंगा संगम तीर्थ का जल, जो महाकुंभ के दौरान लाया गया था, उससे अभिषेक पूजन अर्चन किया गया।
स्वामी प्रमोद महाराज का उद्बोधन
श्री गणेश पूजा के पहले अपने उद्बोधन में संस्थापक महंत स्वामी श्री प्रमोद महाराज ने बताया कि जिन्होंने बड़े आनंद से अपने हाथों में मोदक ले रखे हैं, जो सदा ही मुमुक्षुजनों की मोक्षाभिलाषा को सिद्ध करने वाले हैं, चंद्रमा जिनके भाल देश का आभूषण है, जो भक्ति भाव से विलसित होने वाले लोगों के मन को आनंदित करते हैं — उनका कोई नायक नहीं, उनका कोई स्वामी नहीं। वही सर्वशक्तिमान श्री गणेश जी सबके नायक हैं।
श्रंगार और सहस्त्रार्चन
आज शनिवार के दिन प्रभु श्री गणेश का नीलांबर वस्त्रों से श्रंगार किया गया। प्रातः श्रंगार कौसिल्या अमर सिंह ठाकुर द्वारा एवं रात्रि शृंगार शालिनी पटेल जी द्वारा किया गया। प्रातः सहस्त्रार्चन डॉ. अजय तिवारी एवं सांय सहस्त्रार्चन श्रीमती विभा चौकसे, श्रीमती रश्मि द्वारा संपन्न हुआ।
भव्य महाआरती और भंडारा
सांय कालीन भव्य महाआरती का आयोजन किया गया और महारती के पश्चात भंडारा प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से आचार्य रामकिशोर, अमोघ गुप्ता, राकेश गुप्ता, राजेश पटेल, श्रीमती सीता चौबे, देव दुबेदी, शिवम् दुबे की उपस्थिति रही।