जबलपुर में विठ्ठल वारी यात्रा निकली, हरिनाम संकीर्तन से गूंजीं संस्कारधानी की सड़कें

जबलपुर। वारकरी भक्तों का उल्लास, उमंग और जोश, सामाजिक समरसता तथा एकता का संदेश लेकर निकली श्री विठ्ठल वारी यात्रा ने देवशयनी एकादशी पर संस्कारधानी जबलपुर को भक्तिमय बना दिया। आषाढ़ी एकादशी पर पंढरपुर (महाराष्ट्र) की तर्ज पर आयोजित इस भव्य हरिनाम संकीर्तन एवं शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। संपूर्ण मार्ग “विठ्ठल विठ्ठल विठ्ठला” और “जय जय राम कृष्ण हरि” के जयघोषों से गूंज उठा।

12वें वर्ष निकली भव्य विठ्ठल वारी यात्रा

आषाढ़ी कार्तिकी वारी महामंडल, जबलपुर के तत्वावधान में लगातार 12वें वर्ष पंढरपुर महाराष्ट्र की तर्ज पर देवशयनी एकादशी के अवसर पर श्री दत्त मंदिर गोलबाजार से श्री विठ्ठल वारी हरिनाम संकीर्तन एवं शोभायात्रा निकाली गई।

वारकरी भक्त हरिनाम संकीर्तन करते हुए पुरुष वर्ग सफेद कुर्ता-पायजामा तथा महिला वर्ग मयूर पंखी रंग के मराठी संस्कृति के पारंपरिक परिधान में यात्रा में शामिल हुआ।

संत-महात्माओं की रही गरिमामयी उपस्थिति

विठ्ठल वारी यात्रा में जगतगुरु श्रीराजारामाचार्य, जगतगुरु श्रीराधवदेवाचार्य, महंत रामजी शरण महाराज, महंत प्रकाशानंद, महंत राम भारती, महंत योगी राजेशारावनंद, श्री रामेश्वरानंद, श्रीराधेश्वरानंद, महंत सुरेश नारायण, आचार्य शुभम प्रपानाचार्या, हिमांशु भैया सहित अनेक संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।

पालकी और रथ में विराजे श्रीहरि विठ्ठल रखुमाई

श्रीहरि विठ्ठल रखुमाई की श्रीविग्रह, संत ज्ञानेश्वरजी महाराज, संत सेना जी महाराज तथा संत गजानन महाराज की पालकी एवं रथ में आरूढ़ दिव्य झांकी भक्तों के आकर्षण का केंद्र रही। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।

हरिनाम संकीर्तन यात्रा श्री दत्त मंदिर गोलबाजार, नेशनल हॉस्पिटल, पुराने जामदार हॉस्पिटल, डी.एन. जैन स्कूल, मालवीय चौक, सुपर मार्केट, लार्डगंज चौक, कमानिया गेट, सराफा बाजार, कोतवाली थाना, राजा रसगुल्ला वाली गली होते हुए श्री विठ्ठल रखुमाई मंदिर, हनुमानताल पहुंची।

आलंदी महाराष्ट्र से पधारी संत ज्ञानेश्वर महाराज जी की पादुकाओं को वारकरी संप्रदाय के भक्त श्रद्धापूर्वक कंधे पर लेकर चले। वहीं संत गजानन महाराज का श्रीविग्रह पादुका रथ पर आरूढ़ होकर यात्रा की शोभा बढ़ा रहा था।

ढोल-ताशे, लेझिम और मराठी संस्कृति की छटा

विठ्ठल वारी यात्रा में विठ्ठल बैंड, ढोल-ताशे, श्यामा बैंड तथा मातृशक्ति लेझिम दल ने आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। पाऊल भजन-कीर्तन करते भक्तगण, मराठी परिधान में सजे-धजे बच्चे एवं महिलाएं यात्रा में शामिल रहीं। मराठी संस्कृति और सामाजिक समरसता का संदेश देती इस यात्रा में संत-महात्मा, युवा, मातृशक्ति तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

जनप्रतिनिधियों ने की सहभागिता

यात्रा में महापौर जगत बहादुर सिंह “अन्नू” भैया, विधायक डॉ. अभिलाष पांडे, जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन गुड्डा, अध्यक्ष रिंकू विज, पार्षद विवेक राम सोनकर, पार्षद रजनी कैलाश साहू, पार्षद प्रतिभा भापकर, अर्चना सिसौदिया, पार्षद अंजना अग्रहरि, पार्षद सोनिया रंजीत सिंह, पार्षद मोनिका पुष्पेन्द्र सिंह, पार्षद कविता रैकवार एवं मनोज सेन सहित अनेक जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।

विठ्ठल वारी यात्रा में श्रद्धालु भक्तों से उपस्थिति का आग्रह पूर्व महापौर डॉ. स्वाति सदानंद गोडबोले, मराठी साहित्य अकादमी म.प्र. डायरेक्टर संतोष गोड़बोले, पार्षद प्रतिभा भापकर, जया सुरेश पागे, प्रवीण विप्रदास, संजय आप्टे, सीमा राजेश तोपखाने वाले, प्रेरणा हेमंत पोहरकर, किशोर कलमकर, श्रीकांत बापट, तेजश्री मनीष नाजवाले, रंजना भास्कर वर्तक, अभय सवडतकर, संजय बेहरे, विजय भावे, मुरलीधर पालंदे, प्रकाश बेहरे, विवेक मैराल, डॉ. गिरीश मैराल, प्रवीण मजूमदार, मुकेश कोली, सुनील देशपांडे, वर्षा दांडेकर सहित महामंडल के श्रद्धालु भक्तों ने किया।

101 उच्च शिक्षित युवाओं ने किया विठ्ठल गजर

वारी युवा शक्ति के आशुतोष गोडबोले, हर्षल पुणतांबेकर, चिन्मय जोशी एवं ज्ञानेश पोहरकर के नेतृत्व में आशय, राधिका, सर्वेशा, प्रेरणा, निर्मिती, वैभव, गौरव, प्रतिभा, मिताली, अदिति, साई कृष्णा, अर्थव, सोहम, वाणी, रोहित, पुष्कर, स्वरा, अदिति, श्रेया, हर्षा, आशू सहित 101 उच्च शिक्षित युवाओं के दल ने ढोल-ताशे, शंख, मृदंग, झांझ और मंजीरे के साथ विठ्ठल गजर कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत, आरती और पुष्पवर्षा

श्रीहरि विठ्ठल महालक्ष्मी स्वरूपा भगवती रखुमाई की महाआरती कर आक्षवन किया गया। दत्त भजन मंडल, सुप्रभातम, दक्षिणेश्वरी काली मंदिर, सुदर्शन समाज, महाराष्ट्र स्कूल माजी विद्यार्थी मंडल, सनातन संस्कृति संस्थान, साहू युवा मंडल, सनातन धर्म महासभा जबलपुर, राधाकृष्ण मंदिर, सराफा व्यवसाई, महाराष्ट्र गलाई संघ, अग्रवाल सभा, क्षत्रिय मराठा समाज जबलपुर सहित अनेकानेक संस्थाओं ने पुष्प वर्षा कर भगवान श्रीहरि विठ्ठल-रखुमाई का स्वागत, वंदन एवं अभिनंदन किया। विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने भगवान की महाआरती कर प्रसाद वितरण भी किया।

संस्कारधानीवासियों ने किए भगवान विठ्ठल-रखुमाई के दर्शन

आषाढ़ी कार्तिकी वारी महामंडल, जबलपुर ने बताया कि देवशयनी एकादशी के इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में संस्कारधानीवासियों ने भगवान श्रीहरि विठ्ठल-रखुमाई की आरती कर, पुष्पवर्षा करते हुए दर्शन किए तथा पुण्यार्जन किया। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने हरिनाम संकीर्तन करते हुए भक्ति, सामाजिक समरसता एवं भारतीय संस्कृति का संदेश दिया।

भारतीय सेन समाज ने की महाआरती

भारतीय सेन समाज द्वारा संत सेनजी महाराज का चित्र स्थापित कर भगवान श्रीहरि विठ्ठल-रखुमाई की महाआरती, पुष्पवर्षा एवं प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमेश श्रीवास ‘काकाजी’, शुभाष श्रीवास, दीपनारायण सेन, सीताराम सेन, आनंद सेन, हिमांशु सेन, निक्की सेन सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

हिन्द सनातन संघ ने किया भव्य स्वागत

हिन्द सनातन संघ द्वारा भी महाआरती मंच सजाकर विठ्ठल वारी यात्रा का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर अरविंद दुबे, रमेश काकाजी, अनीस तिवारी, नवीन शुक्ला, भूरा पहलवान, राजेश सेन, अंकित सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने भगवान श्रीहरि विठ्ठल-रखुमाई की आरती कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया।

सनातन धर्म महासभा ने किया स्वागत-सत्कार

प्रति वर्षानुसार विठ्ठल वारी यात्रा का सनातन धर्म महासभा, जबलपुर के तत्वावधान में श्री जगदीश साहू जी के निवास स्थान, लार्डगंज थाने के सामने भव्य स्वागत-सत्कार किया गया। देवशयनी एकादशी के अवसर पर भगवान श्रीहरि विठ्ठल एवं लक्ष्मी स्वरूपा भगवती रखुमाई की महाआरती एवं पूजन-अर्चन किया गया।

इस अवसर पर अध्यक्ष श्याम साहनी, प्रवेश खेड़ा, विष्णु पटेल, विध्येश भापकर, डॉ. संदीप मिश्रा, जगदीश साहू, एडवोकेट के.के. बस्सी, मनोज पटेल, दीपक गुप्ता, संजय भाटिया, रमेश साहू, प्रयास, राज साहू तथा श्री सनातन धर्म महासभा, जबलपुर के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र साहू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने भगवान श्रीहरि विठ्ठल-रखुमाई की आरती कर यात्रा का स्वागत किया और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया।

भक्ति, समरसता और संस्कृति का बना अनुपम संगम

पूरे यात्रा मार्ग में “विठ्ठल विठ्ठल विठ्ठला”, “जय जय राम कृष्ण हरि” तथा हरिनाम संकीर्तन की गूंज से वातावरण भक्तिमय बना रहा। ढोल-ताशों, शंखनाद, मृदंग, झांझ, मंजीरों और भजन-कीर्तन के साथ निकली इस विठ्ठल वारी यात्रा ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि भगवान के नाम का संकीर्तन समाज को जोड़ने, संस्कृति को जीवंत रखने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है।

रिपोर्ट: विध्‍येश भापकर

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