
जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल अस्पताल एवं कॉलेज में वित्तीय अनियमितता का गंभीर मामला सामने आया है। जांच में पाया गया है कि अस्पताल की ओपीडी पंजीयन से प्राप्त राशि बैंक में जमा ही नहीं की गई। बैंक स्टेटमेंट और ओपीडी रिकॉर्ड में लाखों रुपये का अंतर सामने आया है, जो करीब 60 लाख रुपये से अधिक होने की आशंका है।
ओपीडी पंजीयन राशि में बड़ा अंतर
मेडिकल अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों से 20 रुपये पंजीयन शुल्क लिया जाता है। यह राशि निर्धारित बैंक खाते में जमा होना चाहिए, लेकिन रिकॉर्ड के अनुसार ऐसा नहीं हुआ। यह मामला हजारों नहीं बल्कि लाखों रुपये का बताया जा रहा है।
बरसों से चल रही अनियमितता पर सवाल
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यदि इतनी बड़ी राशि जमा नहीं की गई, तो यह अनियमितता कई वर्षों से जारी रही होगी। इसके बावजूद किसी जिम्मेदार अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं होना गंभीर सवाल खड़े करता है। बैंक स्टेटमेंट हर माह आने के बावजूद मामला सामने नहीं आना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
डीन ने की पुलिस में शिकायत
मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है। साथ ही शासन को भी इसकी सूचना दी गई है।
तीन सदस्यीय जांच समिति गठित
डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी दो दिन पहले मिली। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को शो कॉज नोटिस जारी किया है और तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जो पांच दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।