
राकेश कुमार शर्मा
पन्ना। पन्ना नगर से लगी आस्था और श्रद्धा की प्रतीक किलकिला नदी को बचाने तथा उसके जल को पुनः स्वच्छ और अविरल बनाने के लिए नगरवासियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवी संगठनों ने जनआंदोलन खड़ा करने की अपील की है। नागरिकों का कहना है कि यदि सरकार और जनता मिलकर प्रयास करें तो किलकिला नदी को पुनर्जीवित किया जा सकता है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि कुछ समय पहले तक कई लोग नदी संरक्षण के अभियान से जुड़े हुए थे। स्वर्गीय समाजसेवी बृजेन्द्र बुन्देला ने भी लोगों को किलकिला नदी की वास्तविक स्थिति से अवगत कराने के लिए कई बार नदी का भ्रमण कराया था। उनके प्रयासों से वेनीसागर सहित कई तालाबों की सफाई और संरक्षण का कार्य भी हुआ था, जिससे जल स्रोतों को नया जीवन मिला।
स्थानीय लोगों का कहना है कि किलकिला नदी पन्ना की धार्मिक आस्था से भी जुड़ी हुई है। प्रणामी धर्म के अनुयायी इस नदी को पवित्र मानते हैं और इसकी पूजा करते हैं, लेकिन विगत कई दशकों से नगर की नालियों और नालों का गंदा पानी सीधे नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे यह नदी अब गंदे नाले में तब्दील होती जा रही है।
खेती और सब्जी उगाने में करते हैं ऐसी पानी का उपयोग
नगरवासियों के अनुसार नदी का पानी लगातार दूषित होता जा रहा है। इसी पानी का उपयोग नदी किनारे के कई किसान अपनी खेती और सब्जियों की सिंचाई में करते हैं। इसके अलावा दूध व्यवसाय से जुड़े लोग अपनी दुधारू भैंसों को भी इसी नदी में रखते हैं तथा अन्य पशु भी यही पानी पीते हैं, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से नदी के संरक्षण और पुनः जीवन के लिए ठोस कदम उठाए जाने की मांग
नागरिकों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि नगर के गंदे पानी को नदी में जाने से रोकने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए तथा किलकिला नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए ठोस योजना तैयार की जाए। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा “जल उत्सव” और “नदी उत्सव” जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। वहीं मार्च माह में 22 मार्च को विश्व जल दिवस भी मनाया जाता है। ऐसे में यह समय जल स्रोतों के संरक्षण के लिए सामूहिक पहल करने का उपयुक्त अवसर है।
नागरिकों ने “We Care, We Volunteer – We Care for Our Rivers & Water Bodies” तथा “हम परवाह करते हैं, हम स्वयंसेवा करते हैं” के संदेश के साथ सभी लोगों से किलकिला नदी को बचाने और जल निकायों की सुरक्षा के अभियान में शामिल होने की अपील की है।