
पन्ना। ब्रजपुर थाना क्षेत्र के गजना-धरमपुर गांव में पुलिस टीम पर ग्रामीणों द्वारा किए गए हमले से हड़कंप मच गया। पुलिस करंट से हुई एक मौत के मामले में गैर इरादतन हत्या के आरोपी पंचम सिंह यादव को गिरफ्तार करने गई थी, तभी अचानक ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया और हमला बोल दिया। इस हमले में थाना प्रभारी महेंद्र सिंह भदौरिया और आरक्षक रामनिरंजन सिंह यादव गंभीर रूप से घायल हो गए।
दोनों घायल पुलिसकर्मियों को तुरंत सतना के बिरला हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों ने बताया कि दोनों की हालत अब खतरे से बाहर है।

गांव में पुलिस टीम पर अचानक हुआ पथराव
घटना उस समय हुई जब पुलिस टीम आरोपी पंचम सिंह यादव को गिरफ्तार कर गांव से बाहर ला रही थी। तभी दर्जनों ग्रामीणों ने रास्ता रोककर पथराव शुरू कर दिया। हमलावरों ने पुलिसकर्मियों पर लाठी, डंडे और पत्थरों से हमला किया तथा दो राइफलें भी छीन लीं। स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस को मदद के लिए संदेश भेजना पड़ा।
एसपी निवेदिता नायडू भारी पुलिस बल के साथ पहुंचीं
घटना की जानकारी मिलते ही पन्ना पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू तत्काल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों के चंगुल से थाना प्रभारी और आरक्षक को छुड़ाया और दोनों को तुरंत अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने हमले में शामिल लोगों की पहचान शुरू कर दी है और गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।

डीआईजी विजय खत्री पहुंचे, जांच के दिए निर्देश
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी सागर रेंज विजय खत्री भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही कहा कि पुलिस टीम पर हमला गंभीर अपराध है, और इसमें शामिल सभी आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि पुलिस टीम पर धरमपुर गांव में कुछ लोगों ने लाठी, डंडे, कुल्हाड़ी और पत्थर से हमला किया था। फिलहाल कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। सागर रेंज आईजी हिमानी खन्ना ने भी इस मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
आरोपी पुलिस अभिरक्षा में
हमले के बीच भी पुलिस ने मुख्य आरोपी पंचम सिंह यादव को हिरासत में बनाए रखा। फिलहाल वह ब्रजपुर थाना में पुलिस अभिरक्षा में है। पुलिस का कहना है कि हमले में शामिल लोगों की पहचान कर शीघ्र ही गिरफ्तारी की जाएगी ताकि कानून व्यवस्था कायम रहे।