Ganesh Utsav Jabalpur: रजत गणेश के बाल स्वरूप का छठी उत्सव धूमधाम से सम्पन्न

पिस्ता से सहस्त्रार्चन और घी से अभिषेक

जबलपुर। श्री गणेश जन्मोत्सव के षष्ठम दिवस पर, सोमवार 1 सितंबर 2025 को ललपुर रोड, गौरीघाट स्थित श्री सिद्ध रजत गणेश मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित हुआ। इस अवसर पर श्री रजत गणेश जी का 1000 नामों से पिस्ता द्वारा सहस्त्रार्चन किया गया और शुद्ध घी से अभिषेक कर पूजन-अर्चन सम्पन्न हुआ।

बाल स्वरूप की छठी और पालकी यात्रा

इस दिन भगवान रजत गणेश के बाल स्वरूप की छठी का उत्सव मनाया गया। बाल स्वरूप की पालकी को भक्तिमय वातावरण में क्षेत्र भ्रमण हेतु निकाला गया। शोभायात्रा के बाद गुड़ के लड्डुओं का प्रसाद वितरित किया गया, जिसे पाकर श्रद्धालु भाव-विभोर हुए।

महंत स्वामी प्रमोद महाराज का उद्बोधन

पूजन से पूर्व संस्थापक महंत स्वामी प्रमोद महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि “श्री गणेश प्रकृति स्वरूप हैं। वे ही पृथ्वी और जल के रूप में अभिव्यक्त हैं, दिक्पालों के रूप में प्रकट हैं। असत और सत दोनों ही उनके स्वरूप हैं। वे विश्वरूप होकर सर्वत्र व्यापक हैं और उनकी मूर्ति अथवा प्रतिमा में इसी साकार स्वरूप की अभिव्यक्ति होती है।”

विशेष श्रृंगार और भव्य महाआरती

सोमवार के दिन भगवान गणेश का सफेद वस्त्रों से अलौकिक श्रृंगार किया गया। सांयकाल में भव्य महाआरती का आयोजन हुआ। महाआरती के पश्चात भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

पूजन विधि और भक्तों की सहभागिता

पूजन विधि का संचालन आचार्य रामकिशोर और आचार्य गोकरण त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर अशोक कुमार शर्मा, राकेश तिवारी, नीरज गर्ग, दुष्यंत नीतू त्रिपाठी, कुसुम शर्मा, अतुल मिश्रा और स्वाति मिश्रा सहित अनेक भक्तों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

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