
पन्ना। निजानंद संप्रदाय के सतगुरु धनी देवचंद जी महाराज का अंतर्ध्यान दिवस शुक्रवार को पन्ना धाम में श्रद्धा, भक्ति और विरह भाव के साथ मनाया गया। पन्ना धाम स्थित करीब 400 वर्ष प्राचीन सतगुरु धनी देवचंद जी महाराज के मंदिर में प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार विशेष धार्मिक आयोजन हुए। सुबह मंदिर में झीलना कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसके बाद धामी समाज सहित देश के विभिन्न प्रांतों से आए सुंदरसाथ ने सतगुरु धनी देवचंद जी महाराज की स्मृति में विरह गीतों का भावपूर्ण गायन किया।
मंदिर में हुआ झीलना कार्यक्रम
अंतर्ध्यान दिवस के अवसर पर पन्ना धाम के प्राचीन मंदिर में झीलना कार्यक्रम आयोजित किया गया। धार्मिक परंपरा के अनुसार सुंदरसाथ ने श्रद्धा और भाव के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की। इसके बाद सतगुरु धनी देवचंद जी महाराज के स्मरण में विरह गीतों का गायन हुआ।
मंदिरों में रहा सादगी और विरह का वातावरण
अंतर्ध्यान दिवस के अवसर पर पन्ना धाम स्थित श्री प्राणनाथ मंदिर सहित चारों मंदिरों में भगवान की पोशाक सफेद रखी गई। इस दिन मंदिरों में घंटा-घड़ियाल नहीं बजाए गए और आरती भी सादगीपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। सुंदरसाथ ने भी सफेद कुर्ता-पायजामा धारण कर विरह और स्मरण के भाव को अभिव्यक्त किया।
स्मरण और साधना में डूबा सुंदरसाथ
पूरे दिन पन्ना धाम में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। धामी समाज और सुंदरसाथ ने सतगुरु धनी देवचंद जी महाराज के जीवन, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और स्मृति का भावपूर्ण स्मरण किया। विरह गीतों और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं ने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
देशभर से पहुंचे सुंदरसाथ
अंतर्ध्यान दिवस के आयोजन में धामी समाज के साथ देश के विभिन्न प्रांतों से आए सुंदरसाथ शामिल हुए। पन्ना धाम में दिनभर धार्मिक गतिविधियां चलती रहीं और श्रद्धालु भक्ति एवं स्मरण के भाव में सहभागी बने रहे।
रिपोर्ट: राकेश कुमार शर्मा