दक्षिण पन्ना में वन्यजीवों का हमला, भालू के बाद सियार ने बच्ची को किया घायल

राकेश कुमार शर्मा

पन्ना। दक्षिण पन्ना वनमंडल के मोहन्द्रा और शाहनगर वन परिक्षेत्र में वन्यजीवों के हमले की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं। मोहन्द्रा क्षेत्र में वयस्क भालू और उसके दो शावकों से अचानक सामना होने पर एक ग्रामीण घायल हो गया, जबकि शाहनगर क्षेत्र में जंगल के समीप सियार के हमले में पांच वर्षीय बच्ची जख्मी हो गई। दोनों घटनाओं में वन विभाग के मैदानी अमले ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घायलों को उपचार दिलाने में सहायता की।

भालू के हमले में ग्रामीण घायल

दक्षिण पन्ना वनमंडल के मोहन्द्रा वन परिक्षेत्र अंतर्गत अधराड़ी बीट के कक्ष क्रमांक 1257 में 19 अगस्त की शाम ग्राम दामुइया निवासी राकेश सिंह (37) का जंगल में एक वयस्क भालू एवं दो शावकों से अचानक सामना हो गया। इस दौरान भालू के हमले में उनके बाएं पैर के घुटने में चोट आई। घटना के समय उनके साथ गांव के राजेंद्र एवं राहुल भी मौजूद थे।

घटना की सूचना मिलते ही वनपाल गोविन्द प्रजापति एवं बीटगार्ड रजनीश चौधरी मौके पर पहुंचे और घायल ग्रामीण को अपने वाहन से तत्काल रैपुरा अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद राकेश सिंह को बेहतर इलाज के लिए कटनी रेफर किया गया, जहां उन्हें अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया गया है। उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है।

सियार के हमले में पांच वर्षीय बच्ची घायल

वहीं, दक्षिण पन्ना वनमंडल के शाहनगर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम मरहा में गुरुवार को पांच वर्षीय हेमंती का जंगल के समीप अचानक सियार से सामना हो गया। सियार के हमले में बच्ची घायल हो गई। बच्ची की आवाज सुनकर उसकी मां राम बाई तत्काल मौके पर पहुंचीं और साहस दिखाते हुए सियार को भगाकर अपनी बेटी को बचाया।

परिजन घायल बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहनगर लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए कटनी रेफर किया गया। घटना की सूचना मिलते ही शाहनगर वन परिक्षेत्र का मैदानी अमला सक्रिय हुआ। मरहा बीट के परिक्षेत्र सहायक राम प्रसाद पटेल एवं विनोद वर्मा ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा घायल बच्ची और उसके परिवार को आवश्यक आर्थिक एवं चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई।

वन क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई

दोनों घटनाओं के बाद वन विभाग द्वारा संबंधित क्षेत्रों में निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी गई है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि जंगल एवं वन क्षेत्रों से लगे इलाकों में विशेष सावधानी बरतें तथा बच्चों को अकेले जंगल की ओर न जाने दें। विभाग ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।

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