
टीएमसी के 20 बागी सांसदों ने नेशनल सिटिजंस पार्टी में शामिल होने का दावा किया है। टीएमसी के बागियों ने 28 सांसदों में से 20 सांसदों के समर्थन का दावा किया है। इन सभी ने त्रिपुरा के दल नेशनल सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया में शामिल होने की घोषणा की है और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को उन्हें मान्यता देने का आवेदन किया है।
ऐसा दल जिसे कोई जानता नहीं
दल बदल कानून से बचने के लिए बागियों को किसी न किसी दल में शामिल होना जरूरी था। उन्होंने त्रिपुरा के अनजान दल नेशनल सिटिजंस पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को आवेदन दिया है कि उन्हें अलग गुट के तौर पर बैठने की अनुमति दी जाए।
संख्या पर संशय
वरिष्ठ सांसद काकोली घोष का दावा है कि उनके साथ 22 सांसद हैं, लेकिन स्पीकर से मुलाकात के समय केवल 19 सांसद ही मौजूद थे।
एनडीए का समर्थन
बागी गुट एनडीए को समर्थन देगा। सांसद काकोली घोष का कहना है कि हम राष्ट्र के लिए काम करेंगे और पीएम के नेतृत्व में एनडीए का सहयोग करेंगे।
टीएमसी ने भी आवेदन दिया
टीएमसी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को आवेदन देते हुए कहा है कि कथित गुट को कोई मान्यता नहीं दी जाए। दल बदल विरोधी कानून किसी मौजूदा राजनीतिक दल के भीतर अलग गुट बनाने की इजाजत नहीं देता।
टीएमसी के बाद शिवसेना यूबीटी भी टूट सकती है!
राजनीति के गलियारों में चर्चा है कि यह मौसम राजनीतिक पार्टियों के टूटने का चल रहा है। पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद टीएमसी टूट गई। इसी तरह महाराष्ट्र में शिवसेना यूबीटी के भी टूटने की चर्चा चल रही है। ऐसा बताया जा रहा है कि शिवसेना यूबीटी के करीब 5 सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना के संपर्क में हैं। मालूम हो कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी के 9 सांसद हैं। शिवसेना यूबीटी पहले भी टूट चुकी है।
स्वागत करेंगे
केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव का कहना है कि शिवसेना यूबीटी के कई सांसद नेतृत्व से नाराज हैं। वे आएंगे तो हम स्वागत करेंगे।
बैठक में कुछ सांसद नहीं पहुंचे
शिवसेना यूबीटी सुप्रीमो उद्धव ठाकरे ने एक बैठक ली, जिसमें उनकी पार्टी के 5 सांसद बैठक में नहीं पहुंचे। हालांकि यह दावा किया जा रहा है कि वे ऑनलाइन बैठक से जुड़े थे। उद्धव ठाकरे ने कहा कि जिसे जाना है, वह खुशी-खुशी जाएं। अभी हमारा दिन नहीं है, लेकिन एक दिन हमारा भी आएगा। उद्धव ठाकरे का कहना है कि पार्टी छोड़ने वालों को पछतावा होगा। सूत्रों का कहना है कि जो सांसद बैठक में नहीं पहुंचे, उन्हें वीडियो कॉल करके पार्टी के प्रति वफादारी साबित करने को कहा जा रहा है।
संजय राउत का बयान
शिवसेना यूबीटी के संजय राउत ने कहा कि पार्टी एकजुट है। ईडी और सीबीआई के डर से पार्टियों के भगोड़े भाग रहे हैं।