
भोपाल। नशा मुक्ति भारत अभियान के अंतर्गत गणेशोत्सव के पावन अवसर पर एक अनोखी पहल देखने को मिली। राजधानी भोपाल स्थित सर्वपल्ली राधाकृष्णन विश्वविद्यालय परिसर में भगवान गणेश की प्रतिमा के सामने छात्रों, जूनियर डॉक्टर्स, चिकित्सकों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ ली।
प्राचार्य के मार्गदर्शन में लिया गया संकल्प
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. राकेश पाण्डेय के मार्गदर्शन में सभी उपस्थित जनों ने परिवार, समाज, प्रदेश और देश को नशे से मुक्त रखने का संकल्प लिया। डॉ. पाण्डेय ने बताया कि संचालनालय आयुष मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार यह कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों को नशा मुक्ति अभियान की महत्ता समझाई गई।
प्रदेशभर में आयुष कॉलेजों की सहभागिता
संचालनालय आयुष मप्र ने भोपाल के साथ ही जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, इंदौर, उज्जैन, बुरहानपुर, रतलाम, मंदसौर, बैतूल और बालाघाट सहित प्रदेशभर के 50 से अधिक आयुष मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिए थे कि वे नशामुक्त कमेटियों का गठन करें और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें।
छात्रावासों पर विशेष जोर
निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया कि विशेष रूप से छात्रावासों में नशामुक्ति अभियान पर ध्यान केंद्रित किया जाए ताकि युवाओं में नशे की प्रवृत्ति को रोका जा सके। वर्तमान में प्रदेश के 54 आयुष मेडिकल कॉलेजों में लगभग डेढ़ लाख से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं, जिनकी सक्रिय भागीदारी इस अभियान को गति प्रदान कर रही है।
कृतज्ञता और सहयोग का भाव
समस्त आयुष संस्थानों ने इस अभियान के लिए संचालनालय आयुष मप्र, मप्र आयुष मंत्रालय और केंद्रीय आयुष मंत्रालय के प्रति आभार प्रकट किया। इस पहल के माध्यम से छात्रों और युवाओं में समाज को स्वस्थ और नशामुक्त बनाने का संकल्प और मजबूत हुआ है।