शारदीय नवरात्रि 2025: 10 दिन का विशेष संयोग, हाथी पर आएंगी मां दुर्गा, मिलेगा अपार शुभ फल

शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसकी शुरुआत आश्विन माह में होती है। इस बार शारदीय नवरात्रि अनेक वर्षों के बाद एक बेहद शुभ संयोग लेकर आ रही है। ज्योतिर्विद एवं वास्तुविद् पंडित सौरभ दुबे के अनुसार, प्रतिपदा से लेकर नवमी तक मां दुर्गा के नौ रूपों की विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी। खास बात यह है कि इस बार नवरात्रि 9 नहीं, बल्कि 10 दिनों की रहेगी और ग्यारहवें दिन विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा। इस वर्ष मां दुर्गा का आगमन हाथी पर हो रहा है, जिसे अत्यंत शुभ माना गया है।

मां दुर्गा की सवारी और उसका महत्व

हिंदू मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा का हाथी पर सवार होकर आना अत्यंत शुभ माना जाता है। हाथी ऐश्वर्य, शांति और समृद्धि का प्रतीक है। विश्वास है कि जब मां दुर्गा हाथी पर आती हैं तो मौसम अनुकूल रहता है, अन्न-धान्य की वृद्धि होती है और कृषि क्षेत्र में प्रगति देखने को मिलती है। चारों ओर सुख-समृद्धि का वातावरण बनता है। इस साल अच्छी बारिश और भरपूर खेती की संभावना है। देश में अन्न के भंडार भरे रहेंगे, परंतु साथ ही प्राकृतिक आपदाओं और भय की स्थिति भी रहेगी।

नवरात्रि की तिथि और विशेष संयोग

ज्योतिर्विद पंडित सौरभ दुबे ने बताया कि 22 सितंबर को प्रतिपदा से नवरात्र की शुरुआत होगी और 1 अक्टूबर को महा नवमी के साथ इसका समापन होगा। इसके अगले दिन 2 अक्टूबर, गुरुवार को विजयादशमी मनाई जाएगी। इस बार श्राद्ध पक्ष में एक तिथि लुप्त हो रही है और चतुर्थी तिथि दो दिन रहने से नवरात्र 10 दिनों की होगी। तिथि की यह वृद्धि अत्यंत शुभ मानी जा रही है।

नवरात्रि के नौ दिन और देवी के रूप

  • 22 सितंबर – प्रतिपदा – मां शैलपुत्री
  • 23 सितंबर – द्वितीया – मां ब्रह्मचारिणी
  • 24 सितंबर – तृतीया – मां चन्द्रघंटा
  • 25 सितंबर – चतुर्थी – साधना दिवस
  • 26 सितंबर – चतुर्थी (परा) – मां कुष्मांडा
  • 27 सितंबर – पंचमी – मां स्कंदमाता
  • 28 सितंबर – षष्ठी – मां कात्यायनी
  • 29 सितंबर – सप्तमी – मां कालरात्रि
  • 30 सितंबर – अष्टमी – मां महागौरी
  • 01 अक्टूबर – नवमी – मां सिद्धिदात्री
  • 02 अक्टूबर – विजयादशमी – दशहरा

विशेष योग और फल

इस बार नवरात्रि पर उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र और हस्त नक्षत्र योग का संयोग बन रहा है, जो पूजा के लिए अत्यंत शुभ है। साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग, ऐन्द्र योग और रवियोग भी बन रहे हैं, जिससे भक्तों को विशेष फल की प्राप्ति होगी।

नवरात्रि में दो सोमवार का महत्व

इस बार 9 दिनों की नवरात्रि में दो सोमवार आ रहे हैं। यह अत्यंत शुभ संयोग है क्योंकि सोमवार को की गई दुर्गा पूजा का फल करोड़ों गुना अधिक मिलता है। भक्तों के लिए यह एक दुर्लभ अवसर होगा।

मां दुर्गा का प्रस्थान

महाष्टमी का व्रत 30 सितंबर को रखा जाएगा। विजयादशमी के दिन यानी 2 अक्टूबर को मां दुर्गा का प्रस्थान होगा। इस बार मां दुर्गा का प्रस्थान मनुष्य के कंधे पर होगा, जिसे शुभ और कल्याणकारी माना गया है।

घट स्थापना और शुभ मुहूर्त

नवरात्रि के दौरान घट स्थापना एवं जवारा प्रातः काल से ही प्रारंभ हो जाएंगे। हालांकि, कुछ विशेष मुहूर्त में स्थापना करना अधिक शुभ माना गया है। शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
सुबह 6:17 से 9:26 तक, 9:34 से 11:39 तक, दोपहर 1:44 से 3:31 तक, शाम 5:04 से 6:35 तक और रात 8:15 से 10:14 तक। इन समयों में घट स्थापना करने से माता विशेष कृपा करती हैं।

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