जबलपुर के चेरीताल में गायत्री परिवार का दीप यज्ञ: आध्यात्मिक उज्जवलता का आयोजन

जबलपुर। आज चेरीताल स्थित सरस्वती गार्डन, सरस्वती कॉलोनी में गायत्री परिवार द्वारा आयोजित भव्य दीप यज्ञ में पूरे क्षेत्र ने आध्यात्मिक आलोक और उत्साह का अनुभव किया। कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने मिलकर न केवल दीप प्रज्ज्वलित किए, बल्कि सामुदायिक एकता, शांति और सामाजिक समरसता का भी संदेश दिया। यह आयोजन स्थानीय समुदाय के लिए एक सामूहिक भावना को जागृत करने वाला अवसर रहा, जिसमें छोटे-बड़े सभी वर्गों के लोग बढ़-चढ़कर शामिल हुए।

कार्यक्रम का आयोजन एवं प्रमुख सहभागिता

इस कार्यक्रम में गायत्री परिवार की पार्षद प्रतिभा भापकर, कविता तिवारी, मधु नामदेव, संगीता ब्यौहार, मंजू श्रीवास्तव, अनीता साहू, नीतू श्रीवास्तव, मंजू वर्मा, विनीता अग्रवाल, रितु अग्रवाल, प्रीति अग्रवाल, मनीषा अग्रवाल, स्वेता गुप्ता, रेखा खरे, वर्षा ठाकुर, स्नेह साहू, इंदु साहू, मीनू साहू, नीलम गुमाता, निधि गुमास्ता एवं आरती साहू की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। इन सभी वरिष्ठ एवं सक्रिय सदस्यों की भागीदारी ने कार्यक्रम को गरिमा और सुचारु संचालन प्रदान किया।

समर्थन और संयोजन- स्वयंसेवक और प्रायोजक

कार्यक्रम का सफल आयोजन संभव हुआ स्थानीय समर्पित सहयोगियों और स्वयंसेवकों के कारण। इस आयोजन में विजेंद्र श्रीवास्तव, विध्येश भापकर, संजय साहू और राजेंद्र ब्यौहार तथा सुरेश अग्रवाल ने विशेष भूमिका निभाई। आयोजकों ने बताया कि मंच स्थापना, दीप सामग्री, सुरक्षा व आयोजन क्रम को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए इन लोगों का समन्वय अत्यंत आवश्यक रहा। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को सौम्यता व अनुशासन दोनों दिए; आयोजन की रूपरेखा और संचालन में गायत्री परिवार की महिला सदस्यों का योगदान सबसे अधिक सराहनीय रहा।

कार्यक्रम की रूपरेखा: विधि, भक्ति और संस्कृति

दीप यज्ञ की शुरुआत पारंपरिक विधि और मंत्रोच्चारण के साथ हुई। उपस्थित भक्तों ने मिलकर सामूहिक भजन-कीर्तन किया और आरती के समय पूरे उद्यान में भक्ति-भाव का अनुपम वातावरण बन गया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही उपस्थित नागरिकों ने परस्पर आदान-प्रदान और सत्कार का भी परिचय दिया। कार्यक्रम के मध्य में सामूहिक प्रार्थना कर समाज में शांति, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा की कामना की गई।

स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी

स्थानीय नागरिकों ने भी बड़ी संख्या में भाग लेकर आयोजन को जीवंत किया। कई परिवारों ने साथ आकर अपने बच्चों के साथ दीप प्रज्ज्वलित किए और बुजुर्गों ने भी परंपरा के महत्व को समझाते हुए अगली पीढ़ी को मार्गदर्शन प्रदान किया। इस तरह का समुदायिक सहभागिता सामाजिक संपर्क के साथ-साथ पारिवारिक संस्कारों को भी मजबूत करने वाला साबित हुआ।

समाजिक प्रभाव और संदेश

यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि स्थानीय समुदाय के लिए एक सामाजिक संदेश भी लेकर आया — कि पारिवारिक एकता, महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक सहयोग से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाए जा सकते हैं। आयोजकों ने बताया कि दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से वे समाज में शांति, सद्भाव और सहिष्णुता का संदेश फैलाना चाहते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित अनेक नागरिकों ने भी इस पहल की प्रशंसा की और भविष्य में और बड़े पैमाने पर सामाजिक गतिविधियों की आवश्यकता पर बल दिया।

भविष्य की योजनाएं और अनुरोध

गायत्री परिवार ने कार्यक्रम के आखिर में सभी सहयोगियों, दानदाताओं और स्थानीय प्रशासन का आभार व्यक्त किया। साथ ही भविष्य में ऐसे आयोजनों को और व्यवस्थित व भौतिक सहायता के साथ करने की योजना साझा की गई ताकि और अधिक संख्या में लोग सहभागी बन सकें। आयोजकों ने स्थानीय समुदाय से अनुरोध किया कि वे इस तरह की सांस्कृतिक-धार्मिक पहलों को सहयोग दें तथा आने वाली पीढ़ियों को इन परंपराओं की महत्ता बताकर उनसे जुड़ने के लिए प्रेरित करें।

समापन- दीपों की लौ और सामुदायिक प्रतिबद्धता

समापन के समय उपस्थित सभी लोगों ने मिलकर एक संकल्प लिया कि वे समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए निरन्तर प्रयास करते रहेंगे। चेरीताल सरस्वती उद्यान में रखे गए दीपों की लौ केवल प्रकाश नहीं फैलाती- वह एकता, आशा और सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक भी बनकर उभरी। कार्यक्रम के आयोजकों ने आने वाले दिनों में और अधिक सामाजिक कल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित करने का आश्वासन दिया।

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