
अब 70 वर्ष तक काम कर सकेंगे आयुर्वेद कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षक
भोपाल। भोपाल मध्यप्रदेश, जोधपुर नई राजस्थान, पटना बिहार, वाराणसी उत्तरप्रदेश, नईदिल्ली, देहरादून उत्तराखण्ड समेत देशभर के आयुर्वेद मेडिकल कॉलेजों में सेवानिवृत्ति आयु 65 से बढ़ाकर 70 वर्ष कर दी गई है। नेशनल कमीशन फॉर इण्डियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग) नईदिल्ली के मेडिकल असिसमेंट एण्ड रेटिंग बोर्ड फॉर इण्डियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन एनसीआईएसएम मार्बिज्म के प्रेसीडेंट डॉ मुकुल पटेल द्वारा जारी इस आशय के पत्र एमईएसएआर यूजी आयुर्वेद रेग्युलेशन में स्पष्ट किया गया है।
आयुष मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ राकेश पाण्डेय ने बताया कि प्रदेश समेत देशभर के 600 से ज्यादा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेजों में 30 हजार से ज्यादा चिकित्सा शिक्षक कार्यरत हैं। विगत के वर्षों में निजी आयुर्वेद कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष निर्धारित थी। शासकीय आयुर्वेद कॉलेजों में अभी 62 से 65 वर्ष की आयु निर्धारित थी अथवा शासकीय कॉलेजों में अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग देखा जा रहा था।
निर्णय का स्वागत
एनसीआईएसएम द्वारा आयुर्वेद कॉलेजों में शिक्षकों के 70 वर्ष तक कार्य किये जाने के निर्णय का हम स्वागत करते हैं। शासकीय कॉलेजों में भी सभी राज्य शासन समान आयु रखेंगे ऐसा भरोसा है। संभावना है कि सत्र 2026-27 से यह लागू होगा।
— डॉ राकेश पाण्डेय
राष्ट्रीय प्रवक्ता, आयुष मेडिकल एसोसिएशन