तमिलनाडु में फंसा सियासी गणित, विजय थलापति को अभी तक नहीं मिला बुलावा

नई दिल्ली: तमिलनाडु में सियासी गणित उलझ गया है। यहां किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है। विजय थलापति की टीवीके को वैसे 108 सीटें मिली हैं लेकिन विजय थलापति दो सीट से चुनाव लड़े हैं और दोनों सीटों पर जीते हैं, इसलिए एक सीट उनको छोड़नी पड़ेगी। इससे टीवीके के पास अभी 107 सीट हैं, जबकि बहुमत के लिए 118 सीट चाहिए। राज्यपाल ने अभी तक विजय थलापति को सरकार बनाने के लिए नहीं बुलाया है।

राज्यपाल के बुलावे का इंतजार

विजय थलापति को यदि राज्यपाल बुलाते हैं तो टीवीके को बहुमत सिद्ध करना होगा। हालांकि अभी तक राज्यपाल की ओर से कोई संदेश विजय थलापति के पास नहीं पहुंचा है।

बहुमत के लिए जोड़-तोड़ जारी

कांग्रेस के पास केवल 5 विधायक हैं जिनका समर्थन टीवीके के पास है। इससे टीवीके के पास विधायकों की संख्या 112 होती है। उसे 7 विधायक और चाहिए। क्योंकि एक विधायक स्पीकर की कुर्सी पर बैठेंगे तो एक विधायक की संख्या और कम हो जाएगी। यह आंकड़ा किस तरह से विजय थलापति पूरा कर सकेंगे, इसकी रणनीति टीवीके बना रही है।

एआईएडीएमके से समर्थन की उम्मीद

पहले एआईएडीएमके ने टीवीके को समर्थन देने की बात की थी, लेकिन अब इस मामले में कोई सकारात्मक प्रयास नहीं है। हो सकता है कि मामले में पेंच को देखते हुए टीवीके एआईएडीएमके से समर्थन की बात करे। क्योंकि टीवीके के हाथ से सत्ता कुछ ही दूरी से दूर जाती दिख रही है। इससे टीवीके इस बारे में कोई निर्णय ले सकते हैं।

क्या तमिलनाडु भी इतिहास बनाएगा

तमिलनाडु में भी इतिहास बन सकता है यदि डीएमके और एआईएडीएमके साथ आ जाएं। दोनों पार्टियां हमेशा एक दूसरे के विपरीत रही हैं। इससे यह गठबंधन दूर की कौड़ी ही लगता है, लेकिन राजनीति में खुद के अस्तित्व बचाने की बात भी देखी जाती है। इससे पार्टियां कोई भी निर्णय ले सकती हैं।

Back to top button