
जबलपुर। देशभर में मानसून की दस्तक हो चुकी है। इस वर्ष मानसून ने केरल में सामान्य तिथि से करीब तीन से चार दिन की देरी से प्रवेश किया है। आमतौर पर मानसून 1 जून तक केरल पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी एंट्री थोड़ी देर से हुई, जिससे मौसम के मिजाज में भी बदलाव देखने को मिल रहा है।
तेजी से आगे बढ़ रहा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार मानसून अब दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। अनुकूल परिस्थितियों के चलते इसके आगे बढ़ने की रफ्तार तेज रहने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय हो जाएगा और व्यापक बारिश देखने को मिलेगी।
मध्यप्रदेश में प्री मानसून सक्रिय
मध्यप्रदेश की बात करें तो यहां मानसून 15 से 20 जून के बीच सक्रिय हो सकता है। फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं, जिसके चलते कई जिलों में बारिश का दौर देखने को मिला है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के करीब 20 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है।
पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम
वहीं पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण देश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट ली है। उत्तर भारत के कुछ राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश और तूफान की स्थिति बनी रही। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश, पूर्वी एवं उत्तरी राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई है।
गर्मी से राहत लेकिन खतरा बरकरार
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव आने वाले मानसून सीजन के संकेत हैं। तापमान में गिरावट और बादलों की सक्रियता से लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में तेज आंधी और तूफान के चलते जनजीवन भी प्रभावित हुआ है।
किसानों की बढ़ी उम्मीदें
आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह न केवल मौसम को प्रभावित करता है बल्कि कृषि और जल संसाधनों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होता है। किसानों को भी मानसून के समय पर आने का इंतजार है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई सुचारू रूप से हो सके।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर उन इलाकों में जहां आंधी-तूफान और तेज बारिश की संभावना बनी हुई है।