Lordganj में हरिनाम संकीर्तन से गूंजा वातावरण, विठ्ठल वारी की चक्रीय आरती संपन्न

जबलपुर। लार्डगंज स्थित श्रीराधा कृष्ण मंदिर में आषाढ़ी कार्तिकी वारी महामंडल के तत्वावधान में आयोजित 18 दिवसीय विठ्ठल वारी यात्रा के अंतर्गत चक्रीय आरती एवं हरिनाम संकीर्तन का आयोजन भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। श्रीहरि विठ्ठल-रखुमाई के जयघोष, अभंग, भजन और सामूहिक आरती से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

हरिनाम संकीर्तन से सकारात्मक ऊर्जा का संचार

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि हरिनाम संकीर्तन से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। भगवान के नाम का निरंतर स्मरण एवं संकीर्तन करने से मन को शांति प्राप्त होती है तथा वातावरण भी आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि नियमित नाम संकीर्तन से वास्तु सहित अनेक प्रकार के दोषों का भी शमन होता है।

संत ज्ञानेश्वर महाराज की चरण पादुका के साथ निकली संकीर्तन यात्रा

हरिनाम संकीर्तन यात्रा में आलंदी (महाराष्ट्र) से पधारी संत ज्ञानेश्वर महाराज की पावन चरण पादुका को श्रद्धालुओं ने सिर पर धारण कर नगर भ्रमण किया। भक्तों ने “जय जय राम कृष्ण हरि”, “राधे श्याम”, “हरे कृष्ण हरे राम”, “विठ्ठल विठ्ठल विठ्ठला पांडुरंग विठ्ठला” सहित विभिन्न अभंगों एवं भजनों का सामूहिक गायन किया। संकीर्तन यात्रा ने जबलपुर की सड़कों पर पंढरपुर वारी जैसी भक्तिमय छटा बिखेर दी।

25 जुलाई को निकलेगी सामाजिक समरसता विठ्ठल वारी यात्रा

आषाढ़ी कार्तिकी वारी महामंडल द्वारा प्रतिवर्ष देवशयनी एकादशी के अवसर पर पंढरपुर (महाराष्ट्र) की तर्ज पर विठ्ठल वारी सामाजिक समरसता यात्रा का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष यह यात्रा 25 जुलाई को शाम 4 बजे दत्त मंदिर, गोलबाजार से प्रारंभ होकर विठ्ठल रखुमाई मंदिर, राजा रसगुल्ला गली तक निकाली जाएगी।

पंच आरती, पसायदान और नर्मदा अष्टक का हुआ पाठ

18 दिवसीय चक्रीय आरती श्रृंखला के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में हरिनाम संकीर्तन के पश्चात श्री विठ्ठल-रखुमाई का नाम स्मरण, पंच आरती, पसायदान पाठ तथा सामूहिक नर्मदा अष्टक का पाठ किया गया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर दिखाई दिए।

बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे उपस्थित

कार्यक्रम में पूर्व महापौर स्वाति सदानंद गोडबोले, पार्षद प्रतिभा विध्येश भापकर, गुरुजी मुरली पालंदे, गुरुजी जयेश टकलकर, तेजश्री, मनीष नाजवाले, छाया किशोर कलमकर, धनाजी पाटिल, पिंटू पवार, पवन चौहान, विक्रम जगदाले, संजय बेहरे, प्रकाश जगदाले, शाहजी पाटिल, डॉ. सुनील देशपांडे, राजेश तोपखाने वाले, भास्कर वर्तक, सुनील नाजवाले, विवेक मेराल, संजय आप्टे, विध्येश भापकर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

22 जुलाई को अधारताल में होगी अगली चक्रीय आरती

आयोजकों ने बताया कि विठ्ठल वारी यात्रा के अंतर्गत अगली चक्रीय आरती 22 जुलाई को शाम 7 बजे गणेश मंदिर, महाराष्ट्र भवन, अधारताल में आयोजित की जाएगी। सभी विठ्ठल भक्तों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर हरिनाम संकीर्तन का लाभ लेने की अपील की गई।

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