
220 केवी लाइन निर्माण की समीक्षा
प्रबंध संचालक ने भेड़ाघाट सबस्टेशन के समीप पूलिंग सबस्टेशन से लिलो प्वाइंट तक निर्मित की जा रही 220 केवी लाइन के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रबी सीजन से पहले शेष कार्य पूरे किए जाएं, ताकि इसी सीजन में परियोजना का लाभ मिल सके।
भेड़ाघाट पूलिंग सबस्टेशन में हो रही 220 केवी लाइन की लिलो
वर्तमान में नयागांव और नरसिंहपुर सबस्टेशन मुख्य रूप से पावर ग्रिड के 400 केवी सूखा सबस्टेशन तथा जनरेशन कंपनी के अमरकंटक और बिरसिंहपुर स्रोतों पर निर्भर हैं। बढ़ते लोड को देखते हुए एमपी ट्रांसको ने पावर ग्रिड के 765 केवी भेड़ाघाट पूलिंग सबस्टेशन से अतिरिक्त विद्युत निकासी की योजना बनाई है।
इसके तहत 220 केवी जबलपुर-नरसिंहपुर लाइन के दोनों सर्किटों को भेड़ाघाट सबस्टेशन में लिलो किया जा रहा है। लम्हेटी गांव से भेड़ाघाट तक करीब 7 किलोमीटर लंबी लाइन के लिए 45 टावर स्थापित किए जा रहे हैं।
परियोजना पूरी होने पर मिलेगा 600 मेगावाट का लाभ
परियोजना पूरी होने के बाद नयागांव और नरसिंहपुर सबस्टेशन को 300-300 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत पारेषण क्षमता उपलब्ध होगी। इससे महाकौशल क्षेत्र की उपलब्ध स्थानांतरण क्षमता (ATC) में वृद्धि होगी। साथ ही क्षेत्र की विद्युत पारेषण व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ एवं विश्वसनीय बनेगी।
भेड़ाघाट सबस्टेशन में 1000 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत उपलब्धता
पावर ग्रिड के 765 केवी भेड़ाघाट पूलिंग सबस्टेशन में 500-500 एमवीए क्षमता के दो 400/220 केवी ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा रहे हैं। इससे लगभग 1000 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत उपलब्ध रहेगी।
इसके अलावा एनटीपीसी चीचली (गाडरवाड़ा) से मध्यप्रदेश के हिस्से की 756 मेगावाट बिजली की निकासी भी अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी। यह व्यवस्था जबलपुर, नरसिंहपुर और पिपरिया क्षेत्र की आगामी वर्षों की विद्युत आवश्यकता को पूरा करने में सहायक होगी।
रबी सीजन से पहले काम पूरा करने के निर्देश
स्थल निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को परियोजना से जुड़े शेष कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए। रबी सीजन से पहले कार्य पूरा होने पर नयागांव और नरसिंहपुर क्षेत्र को अतिरिक्त पारेषण क्षमता का लाभ मिलने की उम्मीद है।
ये अधिकारी रहे उपस्थित
निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता (ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस) डी.के. अग्रवाल, मुख्य अभियंता (कार्य) एस.के. दुबे, अधीक्षण अभियंता आर.एस. पांडेय, कार्यपालन अभियंता हर्ष श्रीवास्तव, ए.पी.एस. चौहान, जितेंद्र तिवारी तथा सहायक अभियंता राजेश तिवारी उपस्थित थे।