
जबलपुर। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। केंद्र सरकार की यूसीएफ अर्बन चैलेंज फंड स्कीम के तहत भेड़ाघाट क्षेत्र के समग्र विकास के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
कलेक्टर ने किया क्षेत्र का निरीक्षण
इसी क्रम में आज कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, स्मार्ट सिटी के सीईओ, एसडीएम तथा भेड़ाघाट नगर परिषद के अधिकारियों ने क्षेत्र का भ्रमण कर विभिन्न विकास कार्यों की संभावनाओं एवं आवश्यकताओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान गोपालपुर नाका क्षेत्र में पार्किंग व्यवस्था को लेकर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया।
पार्किंग समस्या के समाधान पर जोर
पर्यटन सीजन में बड़ी संख्या में आने वाले पर्यटकों के कारण यहां पार्किंग की समस्या उत्पन्न होती है, जिसे दूर करने के लिए उपयुक्त भूमि का चयन कर पार्किंग विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। अधिकारियों ने विभिन्न भूमि खंडों का निरीक्षण किया तथा उनके राजस्व अभिलेखों की जांच की प्रक्रिया शुरू की गई है।
पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण की योजना
भ्रमण के दौरान भेड़ाघाट घाट क्षेत्र, हाट बाजार एवं मनोरंजन पार्क, स्वर्गद्वारी क्षेत्र, पंचवटी घाट तथा नौका विहार क्षेत्र का भी अवलोकन किया गया। इन स्थलों पर सौंदर्यीकरण, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार और आकर्षक पर्यटन गतिविधियों के विकास की संभावनाओं पर कार्य किया जाएगा।
आधुनिक सुविधाओं से बढ़ेगा आकर्षण
प्रस्तावित योजना में बच्चों के लिए किड्स प्ले जोन, एडवेंचर एक्टिविटीज, कैफे, मनोरंजन सुविधाएं तथा अन्य आधुनिक पर्यटन आकर्षण विकसित करने की योजना बनाई जा रही हैं। इससे न केवल पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
फंडिंग का साझा मॉडल
अर्बन चैलेंज फंड स्कीम के तहत पर्यटन एवं शहरी विकास परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार द्वारा 25 प्रतिशत राशि प्रदान की जाएगी। वहीं 25 प्रतिशत राशि राज्य सरकार, नगरीय निकाय प्रशासन अथवा मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा वहन की जाएगी। शेष 50 प्रतिशत राशि पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल अथवा ऋण के माध्यम से जुटाकर विकास कार्यों को पूरा किया जाएगा।
भ्रमण के दौरान भेड़ाघाट नगर परिषद के अध्यक्ष चतुर सिंह भी मौजूद थे।