
जबलपुर। भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान शहर का बड़ा फुहारा क्षेत्र गुरुवार को पूरी धाम की झलक प्रस्तुत करता नजर आया। आयुर्वेदिक दवा विक्रेता खुन्नेलाल एंड कंपनी के सामने 11 रथों का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर पांच महाआरतियां संपन्न हुईं तथा संत-महात्माओं ने परंपरा के अनुसार स्वर्णमयी झाड़ू से मार्ग बुहारकर विनम्रता, सेवा और समर्पण का संदेश दिया। यह परंपरा वर्ष 1984 से लगातार निभाई जा रही है।
संतों के सान्निध्य में निकली रथयात्रा
नर्मदा महाआरती के संस्थापक एवं रथयात्रा स्वागत समिति के अध्यक्ष डॉ. सुधीर अग्रवाल ने बताया कि रथयात्रा नरसिंह पीठाधीश्वर जगद्गुरु नरसिंह दास महाराज, जगद्गुरु राजारामाचार्य जी महाराज, स्वामी पगलानंद महाराज, स्वामी चंद्रशेखरानंद महाराज, रामजी शरण जी महाराज, पं. रोहित दुबे, अनूप देव जी महाराज, योगी महंत राजेश दास महाराज तथा भागवताचार्य योगेंद्र महाराज के सान्निध्य में निकाली गई।
11 रथों का हुआ भव्य स्वागत
रथयात्रा में जगदीश मंदिर गढ़ाफाटक, साहू समाज, हनुमानताल, बंगाली क्लब, विट्ठल रघुराई मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों के कुल 11 रथ शामिल हुए। बैंड-बाजों, दुलदुल घोड़ी, आकर्षक झांकियों और जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
महाप्रसाद का हुआ वितरण
स्वागत समिति के सदस्य शरद अग्रवाल द्वारा श्रद्धालुओं के लिए खिचड़ी एवं मीठे भात का महाप्रसाद वितरित किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर धार्मिक आयोजन में सहभागिता निभाई।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर स्वागत समिति के अध्यक्ष एवं नर्मदा महाआरती ग्वारीघाट के संस्थापक डॉ. सुधीर अग्रवाल, वरिष्ठ प्रचारक भागचंद रावले, विष्णुकांत ठाकुर, सह संकीर्तनाचार्य श्याम मनोहर पटेल, विनोद दीवान, प्रवेश खेड़ा, शोभाराम गोटिया, संकीर्तनाचार्य सुरेश विश्वकर्मा, मनोज नामदेव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।