परिसीमन और महिला आरक्षण पर बदले एनसीपी के सुर, जानिए सुप्रिया सुले ने क्या कहा….

नई दिल्ली। 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन लागू करने की दिशा में प्रयास तेज कर रही है। इसके लिए आवश्यक दो-तिहाई समर्थन जुटाना सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है। सरकार विभिन्न राजनीतिक दलों से सहमति बनाने के प्रयास में जुटी है। इसी बीच एनसीपी (शरद पवार) की वरिष्ठ नेता सुप्रिया सुले का एक बयान सामने आया है, जिसे इस मुद्दे पर एनडीए के लिए राहत के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

सरकार लोकसभा की अधिकतम सदस्य संख्या 850 तक करने और लोकसभा तथा विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की तैयारी कर रही है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले संसद में आश्वासन दे चुके हैं कि किसी भी राज्य की मौजूदा लोकसभा सीटें कम नहीं होंगी, बल्कि सभी राज्यों की सीटों में 50 प्रतिशत तक वृद्धि की जाएगी। हालांकि विपक्ष ने उस समय कहा था कि यह केवल मौखिक आश्वासन है और इसे विधेयक का हिस्सा बनाया जाना चाहिए था।

क्या बोलीं सुप्रिया सुले

सुप्रिया सुले ने कहा कि नया विधेयक आने के बाद उनकी पार्टी 24 घंटे के भीतर उस पर फैसला लेगी। उन्होंने कहा कि यदि विधेयक में सभी राज्यों की सीटों में 50 प्रतिशत वृद्धि का स्पष्ट प्रावधान होगा तो पार्टी इस पर सकारात्मक रूप से विचार कर सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि पिछली बार केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी राज्यों में 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की बात कही थी, लेकिन विधेयक में उसका उल्लेख नहीं था। इसी कारण उनकी पार्टी ने उस समय विधेयक का विरोध किया था। इस बार पहले विधेयक का मसौदा देखा जाएगा, उसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

पिछली बार ऐसे गिरा था संविधान संशोधन विधेयक

लोकसभा में मौजूद सांसद: 528

आवश्यक समर्थन: 352 वोट

पक्ष में वोट: 298

विरोध में वोट: 230

इस प्रकार संविधान संशोधन विधेयक आवश्यक बहुमत से 54 वोट कम रहने के कारण पारित नहीं हो सका था।

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