
राकेश कुमार शर्मा
पन्ना। धार्मिक नगरी पन्ना में गुरुवार शाम भगवान जगन्नाथ स्वामी की ऐतिहासिक रथयात्रा श्रद्धा, आस्था और उत्साह के बीच निकाली गई। शाम करीब 5 बजे बड़ा दीवाला स्थित श्री जगदीश स्वामी मंदिर से भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की सुसज्जित रथयात्रा विधिवत प्रारंभ हुई। नगर सहित पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र से हजारों श्रद्धालु भगवान की बारात में शामिल हुए और जय जगन्नाथ के जयघोष से पूरा शहर भक्तिमय हो उठा।
हल्की बारिश ने बढ़ाया श्रद्धालुओं का उत्साह
रथयात्रा प्रारंभ होने से कुछ समय पहले हुई हल्की बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया। मौसम की ठंडक के बीच श्रद्धालुओं का उत्साह और भी बढ़ गया। बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष, युवा और बच्चे भगवान के रथ के साथ पदयात्रा करते हुए भजन-कीर्तन में शामिल हुए और पूरे मार्ग पर भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।
बैंड-बाजों और भजन-कीर्तन से गूंजा नगर
रथयात्रा के दौरान बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़ों और भक्ति संगीत की मधुर धुनों पर श्रद्धालु नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे। नगर के विभिन्न स्थानों पर सामाजिक संगठनों एवं श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती उतारी, पुष्पवर्षा कर स्वागत किया तथा प्रसाद और शीतल पेयजल का वितरण किया। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही।
डेढ़ सौ वर्ष से अधिक पुरानी है परंपरा
पन्ना की भगवान जगन्नाथ रथयात्रा जगन्नाथपुरी की परंपरा पर आधारित मानी जाती है और इसका इतिहास डेढ़ सौ वर्ष से भी अधिक पुराना है। हर वर्ष इस अवसर पर दूर-दराज़ क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु पन्ना पहुंचते हैं और भगवान की बारात में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करते हैं।
रथ के दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब
श्रद्धालुओं का मानना है कि भगवान जगन्नाथ के रथ के दर्शन और रथ को स्पर्श करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के कारण नगरवासियों के साथ बुंदेलखंड के विभिन्न जिलों से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रथयात्रा में शामिल हुई। पूरे मार्ग में भक्ति, उल्लास और धार्मिक उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिला।