ब्रिक्स मंच से मोदी का संदेश: वैश्विक व्यापार को आसान बनाकर विकास की रफ्तार बढ़ाएं

ब्रिक्स बिजनेस फोरम में व्यापारिक बाधाएं कम करने और आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने पर जोर, पुतिन से भी द्विपक्षीय बातचीत

नई दिल्ली। राजधानी में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए सदस्य देशों के बीच व्यापार को सरल बनाने और कारोबारी अड़चनों को कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास को गति देने के लिए आपसी सहयोग और भरोसे को मजबूत करना समय की जरूरत है। भारत इस ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान भारत पहुंच चुके हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत 11 देशों के नेता सम्मेलन में शामिल होंगे।

ब्रिक्स देशों के बढ़ते आर्थिक योगदान का उल्लेख

सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में ब्रिक्स देशों का योगदान लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सदस्य देशों के बीच व्यापार और निवेश के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के बीच बेहतर संपर्क और सहयोग को वैश्विक आर्थिक संतुलन के लिए अहम बताया।

भारत की आर्थिक क्षमता पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की तेज आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश वैश्विक विकास में अपनी हिस्सेदारी और बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने ब्रिक्स देशों के साथ आर्थिक साझेदारी को व्यापक बनाने और नए कारोबारी अवसर तलाशने पर जोर दिया।

सम्मेलन में वैश्विक व्यापार व्यवस्था में हो रहे बदलावों और पश्चिमी देशों के प्रभाव के बीच उभरती अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका पर भी चर्चा हुई। भारत की ओर से ब्रिक्स देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।

पुतिन से मुलाकात में रणनीतिक सहयोग पर बातचीत

ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-रूस संबंधों से जुड़े विभिन्न विषयों पर बातचीत की। चर्चा में रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और आर्थिक सहयोग जैसे क्षेत्रों को प्रमुखता मिली।

दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ाने के संभावित उपायों पर भी विचार किया गया। बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप भारत और रूस के लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में बातचीत हुई।

काला सागर क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा उठा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता में काला सागर क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। दोनों नेताओं की यह मुलाकात नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले हुई।

बातचीत के दौरान भारत ने यूक्रेन संघर्ष सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और भू-राजनीतिक मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की। दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। व्यापार, निवेश और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार हुआ। दोनों पक्षों ने मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद द्विपक्षीय संबंधों में स्थिरता बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई।

2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर करने का लक्ष्य

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को नई परिस्थितियों के अनुरूप और मजबूत करने पर जोर दिया। दोनों देशों के बीच सहयोग को विभिन्न क्षेत्रों तक विस्तार देने पर भी चर्चा हुई।

मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने भारत मंडपम स्थित एक व्यापारिक कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। दोनों नेताओं की मौजूदगी में कारोबारी और आर्थिक सहयोग से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। भारत ने वर्ष 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

जयशंकर ने पारदर्शी व्यापार व्यवस्था की जरूरत बताई

इस बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए पारदर्शी व्यापार और निवेश व्यवस्था की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में वैश्विक बाजार अस्थिरता, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और भू-राजनीतिक तनाव जैसी चुनौतियों से गुजर रहे हैं। ऐसे समय में देशों के बीच सहयोग और भरोसे को बढ़ाना जरूरी है।

स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और डिजिटल माध्यमों पर जोर

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रिक्स देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने तथा डिजिटल माध्यमों से सीमा पार व्यापार को आसान बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने वैश्विक व्यापार को अधिक सुगम बनाने के लिए सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई।

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