
परिणामोन्मुखी और सेवा आधारित कार्य संस्कृति पर जोर
कार्यक्रम मुख्य अभियंता (मानव संसाधन एवं प्रशासन) धीरेंद्र सिंह के मार्गदर्शन तथा नोडल अधिकारी अधीक्षण अभियंता नवीन पांडे के समन्वय में आयोजित हुआ। धीरेंद्र सिंह ने राष्ट्रीय कर्मयोगी की अवधारणा को समझाते हुए कहा कि सरकारी सेवाओं में कार्य संस्कृति को केवल निर्धारित जिम्मेदारियों तक सीमित न रखते हुए परिणामोन्मुखी और सेवा आधारित बनाया जाना आवश्यक है।
उन्होंने टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और लगातार सीखते रहने को बेहतर कार्य निष्पादन के लिए महत्वपूर्ण बताया। अधिकारियों और कर्मचारियों से अपने रोजमर्रा के कार्यों में सेवा भाव और सकारात्मक सोच को शामिल करने की अपील की गई, ताकि कार्यस्थल पर ‘कर्मयोगी मोमेंट्स’ को विकसित किया जा सके।
पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ दायित्व निभाने की अपील
अधीक्षण अभियंता नवीन पांडे ने कहा कि शासकीय सेवा नागरिकों की अपेक्षाओं को पूरा करने और समाज व देश के विकास में भागीदारी निभाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कर्मचारियों से पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आग्रह किया।
150 अधिकारियों-कर्मचारियों ने की भागीदारी
कार्यक्रम में प्रशिक्षण एवं संवाद के विभिन्न चरण आयोजित किए गए। इसमें 27 प्रशिक्षु कनिष्ठ अभियंताओं सहित लगभग 150 अधिकारियों और कर्मचारियों ने भागीदारी की। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता, नागरिक केंद्रित दृष्टिकोण और संगठनात्मक कार्यक्षमता को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया गया।