
दमोह/हटा। श्रावण मास के पावन अवसर पर भोलेनाथ के जयकारों के बीच दमोह जिले की पावन भूमि से एक भव्य कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हुआ। यह यात्रा व्यारमा नदी के मध्य स्थित प्राचीन और दिव्य जलखंडेश्वर नाथ धाम, गैसाबाद से प्रारंभ होकर जागेश्वर नाथ धाम, बांदकपुर तक जाएगी। शिवभक्तों की इस भक्ति यात्रा में श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला।
पूजन, स्नान और मंत्रोच्चार के बाद शुभारंभ
कांवड़ यात्रा का शुभारंभ जलखंडेश्वर धाम में विशेष पूजन, रुद्राभिषेक और स्नान के साथ हुआ। सैकड़ों की संख्या में शिवभक्तों ने भगवान शंकर के जयघोषों के बीच पवित्र जल लेकर कांवड़ में भरा और यात्रा के लिए प्रस्थान किया। वातावरण शिवमय हो गया, हर दिशा में “बोल बम” और “हर हर महादेव” के जयकारे गूंजने लगे।

भक्ति से सराबोर रहा यात्रा मार्ग, जगह-जगह हुआ स्वागत
यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए स्थान-स्थान पर सामाजिक संगठनों और क्षेत्रवासियों द्वारा जलपान, फल वितरण और विश्राम की व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं ने बताया कि यात्रा मार्ग पर उन्हें आत्मीयता और सेवा का अनुभव हुआ, जिससे थकान का कोई आभास नहीं हुआ। क्षेत्रवासियों ने फूलों की वर्षा, आरती और ढोल-नगाड़ों के साथ कांवड़ियों का स्वागत किया।
भक्तों की भक्ति ने रच दिया अलौकिक दृश्य
इस भव्य यात्रा में लक्ष्मण तिवारी, भरत उपाध्याय, रजनीश तिवारी, जितेंद्र विश्वकर्मा, अजय, मोहित बर्मन, सोनू, राजा सेन, दीपक गुप्ता, आदित्य तिवारी, परमानंद सेन, पिंटू रजक, राजू साहू, ओमकार नामदेव, धीरेंद्र पटेल और सरमन सेन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सभी भक्तों ने जल के पात्र को कांवड़ में रखकर भगवान शिव के चरणों में अर्पित करने का संकल्प लिया।
श्रद्धा और विश्वास की प्रतीक बनी यात्रा
यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सेवा, अनुशासन और आस्था का अनूठा उदाहरण भी बन गई। श्रद्धालुओं के उत्साह और भक्तिभाव से पूरा क्षेत्र शिवभक्ति के रंग में रंग गया। जागेश्वर नाथ धाम में जलाभिषेक के साथ यह यात्रा अपने उद्देश्यों की पूर्णता को प्राप्त करेगी।