
जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल अस्पताल के 70 साल पुराने भवन के मेजर आपरेशन थियेटर में पिछले 10 दिन में दो बार स्पार्किंग हुई। जिससे आपरेशन थियेटर के कुछ महत्वपूर्ण उपकरण डेमेज हो गए हैं। इससे मेडिकल अस्पताल प्रशासन अब मेडिकल अस्पताल के नए भवन में आपरेशन थियेटर का उपयोग करेगा। हालांकि फिलहाल इमरजेंसी ओटी का उपयोग किया जा रहा है जिससे आपरेशन प्रभावित नहीं हो रहे हैं।
नए भवन में 11 आपरेशन थियेटर
मेडिकल अस्पताल के नए भवन को बने हुए करीब ढाई साल हो गए हैं। इसके बाद भी अभी तक इसका पूरा उपयोग नहीं किया जा रहा है। भवन में 11 आपरेशन थियेटर हैं। इसमें से अभी पांच ओटी का उपयोग किया जा रहा है। जिसमें आर्थो ओटी, सर्जिकल ओटी, पीड्रियाट्रिक ओटी शुरू है। शेष ओटी ढाई साल से बंद हैं। पुराने भवन की मेजर ओटी में स्पार्किंग होने के कारण मेजर उपकरण डेमेज हो गए हैं। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने कदम उठाते हुए यह निर्णय लिया। हालांकि इसे शुरू होने में अभी एक सप्ताह का वक्त लग सकता है।
सीट बढ़ने के बाद बना भवन
मेडिकल कॉलेज में 150 से 250 सीट होने पर एकेडेमिक भवन और 500 बेड का नया अस्पताल भवन बनाया गया है। एकेडेमिक भवन आधुनिक है। इसमें डिमांस्ट्रेशन हॉल, चार लेक्चर हॉल, हॉस्टल व अन्य सुविधाएं हैं। वहीं नए अस्पताल भवन में दो आइसीयू, 11 आपरेशन थियेटर व मरीजों के लिए अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं।
बढ़ रही मरीजों की संख्या
मेडिकल अस्पताल महाकोशल का बड़ा अस्पताल है। यहां की ओपीडी में औसत दो हजार मरीज रोज आ रहे हैं। इससे आइपीडी में भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। हालांकि मेडिकल अस्पताल प्रशासन को आपरेशन थियेटर का उपयोग करीब ढाई साल पहले शुरू करना चाहिए था लेकिन यह नहीं किया गया।
बंद की गई ओटी
अधीक्षक डॉ अरविंद शर्मा का कहना है कि मेजर ओटी में स्पार्किंग की घटना के बाद विद्युत विभाग ने जांच करके ओके कर दिया है लेकिन तीनों ओटी को शुरू नहीं किया है। इमरजेंसी ओटी में आपरेशन किए जा रहे हैं। नए भवन के आपरेशन थियेटर में 5 ओटी शुरू हैं दो और ओटी को जल्द शुरू किया जाएगा।