
जबलपुर। ट्रेनी जूनियर इंजीनियर्स को मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने प्रशिक्षण दिया। इंदौर-उज्जैन क्षेत्र के 10 ट्रेनी जूनियर इंजीनियरों के एक बैच को 132 केवी सबस्टेशन बरोठा (देवास) का फील्ड भ्रमण कराया गया।
फील्ड विजिट का उद्देश्य
एमपी ट्रांसको के एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज निर्माण संभाग के सहायक अभियंता संदीप उमदेकर की पहल पर आयोजित इस फील्ड विजिट का उद्देश्य प्रशिक्षु इंजीनियरों को विद्युत पारेषण तंत्र की व्यावहारिक कार्यप्रणाली से परिचित कराना था।
एलआईएलओ प्रक्रिया का अवलोकन
भ्रमण के दौरान इंजीनियरों को 132 केवी देवास-चापड़ा ट्रांसमिशन लाइन को 132 केवी सबस्टेशन बरोठा में लाइन-इन-लाइन-आउट (एलआईएलओ) के माध्यम से जोड़े जाने की प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन कराया गया।
तकनीकी जानकारी और सुरक्षा मानक
इस दौरान महत्वपूर्ण स्ट्रिंगिंग कार्य, सुरक्षा मानकों, तकनीकी सावधानियों तथा ट्रांसमिशन लाइन निर्माण की विभिन्न प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि फील्ड स्तर पर मिलने वाला अनुभव इंजीनियरों को वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करने के लिए तैयार करता है और तकनीकी ज्ञान को और अधिक सुदृढ़ बनाता है।
प्रशिक्षुओं का अनुभव
प्रशिक्षु इंजीनियरों ने कहा कि इससे उन्हें ट्रांसमिशन परियोजनाओं के निर्माण और संचालन संबंधी प्रक्रियाओं को नजदीक से समझने का अवसर मिला। एमपी ट्रांसको द्वारा भविष्य में भी ऐसे व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे तकनीकी मानव संसाधन को और अधिक दक्ष बनाया जा सके।