
भोपाल। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौसम केंद्र भोपाल ने मध्य प्रदेश के लिए अगले पांच दिनों का मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार 1 जुलाई 2026 तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक, वज्रपात, तेज हवाएं और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कई जिलों में भारी बारिश भी हो सकती है।
40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
मौसम विभाग के अनुसार कई जिलों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
जबलपुर समेत कई जिलों के लिए चेतावनी
जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, सिवनी, डिंडोरी, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रीवा, शहडोल, सतना, सागर, बालाघाट, छिंदवाड़ा सहित प्रदेश के कई जिलों में अलग-अलग दिनों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ जिलों में भारी बारिश का भी अलर्ट जारी किया गया है।
प्रदेश में यहां दर्ज हुई सबसे अधिक बारिश
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों में धार जिले के पीथमपुर में सबसे अधिक 131 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा खालवा (खंडवा) में 74 मिलीमीटर, खिरकिया (हरदा) में 70.4 मिलीमीटर और बिलहरी (कटनी) में 67 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
जबलपुर और रीवा में चली तेज हवा
रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों में जबलपुर और रीवा में 46 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। शहडोल में 41 किलोमीटर प्रति घंटे तथा सीधी में 37 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा दर्ज की गई।
मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है। अगले तीन से चार दिनों के दौरान मध्य प्रदेश के शेष हिस्सों सहित आसपास के क्षेत्रों में मानसून के और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
मौसम विभाग की सलाह
विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक और वज्रपात के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और जलाशयों के पास जाने से बचें। तेज हवा के समय कमजोर और अस्थायी निर्माणों से दूर रहें। भारी बारिश की स्थिति में जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी-नालों के पास जाने से बचें तथा मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा चेतावनियों का पालन करें।
किसानों के लिए विशेष सलाह
किसानों को बारिश के दौरान सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशकों के छिड़काव से बचने की सलाह दी गई है। खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें। कटी हुई फसल, बीज, उर्वरक और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखें तथा तेज हवाओं के दौरान पशुओं को सुरक्षित शेड में रखें।