
पन्ना। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर भोपाल स्थित वन भवन में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में दक्षिण पन्ना वनमंडल के पांच वनकर्मियों को उत्कृष्ट सेवाओं एवं वन संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख (HoFF) की ओर से उन्हें कमेंडेशन डिस्क एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। वहीं पन्ना टाइगर रिजर्व के वनक्षेत्रपाल राजेन्द्र प्रसाद अरजरिया को भी सम्मानित किया गया। इस प्रकार पन्ना जिले के छह वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राज्यस्तर पर उपलब्धि हासिल की है।

इन वनकर्मियों को मिला सम्मान
सम्मानित होने वालों में वनरक्षक वीरेन्द्र पटेल, वनपाल आशीष कुमार पाण्डेय, वनरक्षक दिनेश राठौर, वनरक्षक रामजी गर्ग एवं वनपाल जगदीश प्रसाद अहिरवार शामिल हैं। इनके अलावा पन्ना टाइगर रिजर्व के वनक्षेत्रपाल राजेन्द्र प्रसाद अरजरिया को भी सम्मानित किया गया।
वन संरक्षण और वन्यजीव रेस्क्यू में योगदान
वीरेन्द्र पटेल ने वनाग्नि नियंत्रण, वन्यजीवों के सुरक्षित रेस्क्यू और लगभग 100 पक्षी प्रजातियों के दस्तावेजीकरण में योगदान दिया। आशीष कुमार पाण्डेय ने 56 हेक्टेयर अतिक्रमणमुक्त वनभूमि के पुनर्वनीकरण और छह प्राकृतिक जलस्रोतों के पुनर्जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दिनेश राठौर ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में पौधरोपण के लिए स्थल तैयार कराने का कार्य निर्धारित समय में पूरा कराया।
शिकार के मामलों में कार्रवाई, औषधीय पौधों पर पुस्तक
रामजी गर्ग ने सांभर, चीतल एवं जंगली सूअर के अवैध शिकार के चार मामलों में छह आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई, सात वन्यप्राणियों के रेस्क्यू और वनभूमि से अतिक्रमण हटाने में उल्लेखनीय कार्य किया। वहीं जगदीश प्रसाद अहिरवार ने 129 प्रकार के औषधीय पौधों का संकलन कर पुस्तक तैयार की। उनके इस कार्य का उल्लेख प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 25 जनवरी 2026 को मन की बात कार्यक्रम में भी किया था।
उल्लेखनीय है कि प्रदेशभर से चयनित 26 वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों में छह वनक्षेत्रपाल, सात वनपाल और 13 वनरक्षक शामिल हैं। दक्षिण पन्ना वनमंडल के पांच कर्मचारियों सहित पन्ना टाइगर रिजर्व के एक अधिकारी को मिला सम्मान जिले के लिए गौरव का विषय है। यह उपलब्धि वन एवं वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में विभागीय कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण को रेखांकित करती है।
रिपोर्ट: राकेश कुमार शर्मा