संघ, समाज को जोड़ने वाला 100 वर्षों का सशक्त अभियान – राम माधव

जबलपुर। संघ कार्य के शताब्दी वर्ष के अवसर पर नर्मदा भाग में भव्य प्रमुख जनगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र के पूजन एवं “वंदे मातरम्” के सामूहिक गायन के साथ हुई, जिससे वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हो गया।

100 वर्ष का युवा संगठन: राम माधव

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राम माधव ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विश्व का एकमात्र ऐसा संगठन है, जो 100 वर्षों से अधिक समय से निरंतर सक्रिय है। उन्होंने इसे “100 वर्ष का युवा संगठन” बताते हुए कहा कि संघ ने कभी अपने विचार समाज पर थोपने का प्रयास नहीं किया, बल्कि सनातन परंपरा से प्राप्त मूल्यों के आधार पर व्यक्ति निर्माण और समाज जागरण का कार्य किया है।

भारतीय संस्कृति की समावेशी परंपरा

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति सदैव विविधताओं को समाहित करने वाली रही है। मुगल काल में भक्ति आंदोलन ने समाज में एकता को मजबूत किया। इसके बाद स्वामी दयानंद सरस्वती और स्वामी विवेकानंद जैसे महापुरुषों ने सांस्कृतिक जागरण को नई दिशा दी।

संघ की स्थापना और योगदान

राम माधव ने बताया कि वर्ष 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा संघ की स्थापना राष्ट्रवाद के जागरण और सांस्कृतिक उत्थान के उद्देश्य से की गई थी। 1962 के भारत-चीन युद्ध में योगदान के चलते 1963 की गणतंत्र दिवस परेड में स्वयंसेवकों को आमंत्रित किया जाना संघ के इतिहास की महत्वपूर्ण घटना है।

आपातकाल और राम मंदिर आंदोलन का उल्लेख

उन्होंने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा में संघ की भूमिका और राम मंदिर निर्माण जैसे अभियानों का भी उल्लेख किया।

पंच परिवर्तन पर जोर

अपने संबोधन में उन्होंने “पंच परिवर्तन” के पांच आयामों—कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य—पर प्रकाश डाला और समाज में इन विषयों पर जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।

“पूरा समाज ही संघ है”

कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा कि “पूरा समाज ही संघ है” और राष्ट्रनिर्माण के इस कार्य में सभी के सहयोग की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थितियां

इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. प्रोफेसर विनीता कौर सलूजा, भाग संघचालक ग्यारसिया जी, प्रांत संघचालक डॉ. प्रदीप दुबे जी, प्रांत संपर्क प्रमुख हरिश्चंद्र जी, प्रांत प्रचार प्रमुख विनोद दिनेश्वर जी, सह विभाग कार्यवाह अखिलेंद्र सिंह परिहार, विभाग प्रचारक आनंद जी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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