
भोपाल में त्विषा केस की जांच कर रही सीबीआई टीम सास गिरिबाला और पति समर्थ को लेकर उनके घर पहुंची। यहां टीम ने त्विषा के वजन के बराबर डमी बनाकर फंदे पर लटकाकर सीन रीक्रिएट किया। यह प्रक्रिया करीब दो घंटे तक चली।
आत्महत्या या हत्या, जांच का मुख्य सवाल
त्विषा की मौत के बाद से ही यह सवाल उठ रहा है कि यह आत्महत्या थी या हत्या। सीबीआई इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और हर पहलू को ध्यान में रखकर पड़ताल कर रही है।
घटना के समय की स्थिति जानने की कोशिश
सीबीआई यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि समर्थ ने सबसे पहले त्विषा को किस स्थिति में देखा, उसे फंदे से किसने उतारा और उस समय घर में कौन-कौन मौजूद था।
अब तक की प्रमुख घटनाएं
12 मई को त्विषा शर्मा का शव घर में फांसी पर लटका मिला। अगले दिन भोपाल में पोस्टमार्टम किया गया। 14 मई को परिजनों ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर विरोध जताया। 17 मई को सीएम हाउस के बाहर धरना दिया गया।
18 मई को भोपाल कोर्ट ने समर्थ की अग्रिम जमानत खारिज कर दी। 22 मई को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने दोबारा पोस्टमार्टम के आदेश दिए। इसके बाद राज्य सरकार ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की।
समर्थ सिंह को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया। 24 मई को एम्स दिल्ली में शव का दोबारा पोस्टमार्टम हुआ। 25 मई को सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।
सीबीआई ने सास गिरिबाला और पति समर्थ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। 27 मई को हाईकोर्ट ने गिरिबाला की अग्रिम जमानत खारिज कर दी। 28 मई को लंबी पूछताछ के बाद गिरिबाला को गिरफ्तार किया गया।
29 मई को दोनों को स्पेशल कोर्ट में पेश कर 5-5 दिन की रिमांड पर भेजा गया। 1 जून को सीबीआई दोनों को लेकर घर पहुंची और सीन रीक्रिएशन किया।
पूछताछ जारी
सीबीआई ने शनिवार से रविवार तक गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह से लगातार पूछताछ की। मामले में आगे भी कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।