25 सितंबर को 30 हजार स्थानों पर एक साथ गूंजेगा वंदेमातरम, एक करोड़ लोग होंगे शामिल

विद्या भारती ने दो साल में विद्यालयों के डिजिटलीकरण और शिक्षा की गुणवत्ता सुधार का लक्ष्य तय किया

भोपाल। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में संगठन की आगामी गतिविधियों और शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने, विद्यालयों के डिजिटलीकरण तथा भारतीय संस्कृति और महापुरुषों के विचारों को विद्यार्थियों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक के दूसरे दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह कृष्णगोपाल ने ‘वंदेमातरम के 150 वर्ष’ और ‘संत रविदास’ पुस्तकों का विमोचन किया। इस अवसर पर विद्या भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रविन्द्र कान्हेरे, राष्ट्रीय महामंत्री देशराज शर्मा, राष्ट्रीय संगठन मंत्री गोविंद चंद्र महंत सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

30 हजार स्थानों पर गूंजेगा वंदेमातरम

वंदेमातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 25 सितंबर 2026 को ‘नमामि भारतम’ अभियान के तहत देशव्यापी आयोजन किया जाएगा। विद्या भारती से जुड़े विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से करीब 30 हजार स्थानों पर एक करोड़ लोगों को एक साथ और एक ही समय में वंदेमातरम के सामूहिक गायन से जोड़ने की योजना है।

संगठन के अनुसार देशभर में संचालित करीब 24 हजार विद्यालयों सहित अन्य संस्थानों से संपर्क कर कार्यक्रम की तैयारियां की जा रही हैं।

संत रविदास की जयंती पर सप्ताहभर कार्यक्रम

संत रविदास जी की जयंती के 650 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विद्या भारती के विद्यालयों में सप्ताहभर विभिन्न गतिविधियां आयोजित होंगी। इनमें प्रतियोगिताएं, विचार-विमर्श, भजन गायन और परिवार संपर्क जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे। संत रविदास के विचारों को समाज तक पहुंचाने के लिए परिवार संगोष्ठियों का आयोजन भी किया जाएगा। बैठक में जारी दोनों पुस्तकों का उपयोग इन कार्यक्रमों में संदर्भ सामग्री के रूप में किया जाएगा।

दो साल में विद्यालयों को डिजिटल बनाने की तैयारी

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के तहत विद्या भारती ने अगले दो वर्षों में अपने सभी विद्यालयों को डिजिटल सुविधाओं से जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए रिलायंस जियो के साथ समझौता किया गया है। फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 300 विद्यालयों में डिजिटलीकरण की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।

स्किल एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में एनसीईआरटी की ‘कौशल बोध’ गतिविधि लागू करने का भी निर्णय लिया गया है। जुलाई में देश के 40 प्रांतों से करीब 100 कार्यकर्ताओं को भोपाल स्थित एनसीईआरटी के पीएसएसआईवीई में मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण दिया गया।

100 आदर्श शिशुवाटिका होंगी विकसित

बाल वाटिका की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए देशभर में विद्या भारती शिशुवाटिका के 100 आदर्श केंद्र विकसित किए जाएंगे। इन केंद्रों में 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं और पंचकोशी विकास की अवधारणा पर आधारित गतिविधियों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षकों को तैयार किया जा चुका है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न प्रावधानों को विद्यालयों में लागू करने के लिए आचार्यों के दो चरण के प्रशिक्षण पूरे हो चुके हैं। तीसरे चरण के प्रशिक्षण के लिए मॉड्यूल तैयार किए जा रहे हैं और अप्रैल 2027 के बाद प्रशिक्षण कार्यक्रमों को गति देने की योजना है।

75 वर्ष पूरे होने पर होगा अमृत महोत्सव

विद्या भारती के प्रथम विद्यालय की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर गुरुपूर्णिमा 18 जुलाई 2027 से 2028 की गुरुपूर्णिमा तक अमृत महोत्सव मनाया जाएगा। इसके तहत विभिन्न स्तरों पर कार्यक्रम होंगे। नवंबर 2027 में दिल्ली में बड़े स्तर पर घोष शिविर आयोजित करने की योजना है, जिसमें 30 हजार से अधिक घोष वादकों के भाग लेने का लक्ष्य रखा गया है।

11 लाख पूर्व छात्र पोर्टल से जुड़े

बैठक में पूर्व छात्रों को संगठन से जोड़ने की गतिविधियों की भी जानकारी दी गई। विद्या भारती के पूर्व छात्रों की संख्या करीब 50 लाख बताई गई है, जिनमें से लगभग 11 लाख पूर्व छात्र पोर्टल पर पंजीकृत हैं। विशिष्ट श्रेणी के पूर्व छात्रों का सम्मेलन दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।

इसके अलावा क्षेत्र, प्रांत और विद्यालय स्तर पर भी कार्यक्रम होंगे। इनके संचालन के लिए विभिन्न स्तरों पर आयोजन समितियों के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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