
जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कई विभाग शनिवार को नहीं खुले, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि शैक्षणिक विभागों में नियमित अध्ययन-अध्यापन एवं एकेडमिक गतिविधियां संचालित की जाएं। इस लापरवाही से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं और छात्रों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। विभागों के मुखिया से लेकर अतिथि शिक्षक तक अनुपस्थित पाए गए।
बंद रहे प्रमुख विभाग
शनिवार को विश्वविद्यालय परिसर स्थित समाजशास्त्र एवं समाज कार्य स्नातकोत्तर अध्ययन एवं अनुसंधान विभाग, शिक्षा अध्ययन शाला सहित अन्य कई विभाग निर्धारित समय तक बंद रहे। विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार शनिवार को केवल प्रशासनिक भवन में अवकाश रहता है, जबकि शैक्षणिक विभागों में नियमित रूप से अकादमिक गतिविधियां संचालित की जानी चाहिए, इसके बावजूद विभागों में ताले लगे रहे।
छात्रों की पढ़ाई पर पड़ा असर
विभागों के बंद रहने से छात्रों की पढ़ाई, शोध कार्य, प्रोजेक्ट मार्गदर्शन तथा अन्य शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हुईं। शोधार्थियों को अपने मार्गदर्शकों से मिलने और आवश्यक दस्तावेजी कार्य पूरे करने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ा।
पहले भी आ चुकी हैं शिकायतें
इससे पहले भी कई विभागों में दोपहर तक ताले लगे रहने और शिक्षकों-कर्मचारियों की अनुपस्थिति की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। इन मामलों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन हालात में खास सुधार नहीं दिख रहा है।
प्रशासन पर उठे सवाल
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब विभागों को खोलने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं, तो उनका पालन क्यों नहीं हो रहा। इस लापरवाही का सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है, बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने में गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।